सरकार की गुडबुक में शामिल एक वरिष्ठ आईएएस के पास इस समय दोहरी जिम्मेदारी है। एनेक्सी में बैठने वाले इन साहब की भाजपा के एक प्रदेशीय नेता पर दरियादिली काफी चर्चा में है।
स्टेट लेवल के ये नेता खुद को भाजपा के सीएम पद के भावी दावेदारों में बताते फिरते हैं। दरअसल ये साहब एक सपा नेता से अपने दफ्तर में बात कर रहे थे कि इसी बीच भाजपा नेता का फोन आ गया।
साहब ने शायद इसका ध्यान नहीं दिया और फोन पर काफी देर तक बात की। भाजपा नेता को राज-काज की कई अहम जानकारियां दीं।
उनके दो काम भी करवाकर फोन पर सूचित किया। सामने बैठे सपा नेता को यह बात नागवार गुजरी कि सरकार का अफसर विरोधी पार्टी को गोपनीय जानकारियां दे।
गाजियाबाद का यह सपाई नेता बड़ा दिमागदार निकला। उसने फोन पर भाजपा नेता से बातचीत में साहब द्वारा कही जा रही। पूरी बात अपने स्मार्टफोन में फोटो सहित रिकॉर्ड कर ली।
नेता जब जाने लगा तो उसने अफसर को रिकॉर्डिंग करने और उसे सीएम तक पहुंचाने का शिगूफा छोड़ दिया। अब तो अफसर के तोते उड़ गए। वे नेता की लाख मनुहार करते रहे लेकिन वह निकल गया, लेकिन उसका हथियार चल गया।
प्रमुख सचिव स्तर के ये साहब आजकल उन नेता की खूब आवभगत करते नजर आते हैं, जबकि पहले आधे-आधे घंटे इंतजार कराने के बाद उससे मिलते थे।