फायरब्रांड
आजम खां पर पाबंदी लगने के बाद सपा नेतृत्व परेशान था कि उनकी कमी कैसे
पूरी की जाए।
जद्दोजहद चल ही रही थी कि समाधान अपने आप प्रकट हो गया। दरअसल
आजम पर पाबंदी लगने के दूसरे ही दिन अखिलेश यादव की रामपुर में सभा थी।
शिष्टाचार कह लीजिए या कुछ और, सीएम के इस्तकबाल के लिए आजम के बेटे
अब्दुल्ला भी मंच पर पहुंचे। भाषण भी दिया। अंग्रेजी, हिन्दी के साथ उर्दू
शब्दों का सहारा लेते हुए जोशीला भाषण दिया।
खूब तालियां बजीं। एक शेर भी
पढ़ा, सीएम ने भी हौसला बढ़ाया। आगाज इतना अच्छा था कि रामपुर में लोग कहने
लगे हैं कि मियां अब एमटेक पूरा भी कर पाएंगे या सियासत की क्लास में
दाखिला ले लेंगे।
कुछ भी हो इतना साफ हो गया कि अगर खादी पहनी तो पिता की
विरासत को आगे बढ़ाने में कामयाब होंगे।