शासन ने गोरखपुर के नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश सिंह को निलंबित कर दिया है। उन पर सड़क निर्माण समेत कई मामलों में वित्तीय अनियमितता बरतने का आरोप था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे गंभीरता से लेते हुए नगर आयुक्त के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए थे। फिलहाल नगर आयुक्त का चार्ज गोरखपुर के जिलाधिकारी को सौंपा गया है।
नगर विकास विभाग के एक उच्चपदस्थ अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी पिछले दिनों जब गोरखपुर गए थे तो उन्हें सड़कों के निर्माण में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। इस पर उन्होंने वहां के डीएम से प्रारंभिक रिपोर्ट मांगी थी।
कुछ दिन पहले ही डीएम ने नगर विकास विभाग को रिपोर्ट भेजी, जिसमें सड़कों के निर्माण में अनियमितता के साथ ही मजदूरों के भुगतान में भी गड़बड़ी की बात कही थी। यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को भेज दी गई थी।
उच्चाधिकारी ने बताया कि डीएम की रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र था कि कई ऐसे कार्यों का भुगतान कर दिया गया, जो वास्तव में हुए ही नहीं हैं। मुख्यमंत्री भी शहर की बदहाल सड़कों और वहां व्याप्त गंदगी को लेकर कई बार नाराजगी जता चुके थे।
नगर आयुक्त को कड़ी चेतावनी भी दी थी। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा था। हालांकि नियुक्ति विभाग द्वारा जारी आदेश में वेतन न मिलने की वजह से सफाईकर्मियों द्वारा किए जा रहे आंदोलन को निलंबन का कारण बताया गया है। 1997 बैच के पीसीएस अधिकारी प्रेमप्रकाश सिंह हाल में ही आईएएस हुए हैं।