दरअसल, ट्रैक का रखरखाव इंजीनियरिंग विभाग करता है, जबकि पॉइंट सिग्नल एंड टेलीकम्यूनिकेशन विभाग देखता है। एक अधिकारी की दलील थी कि ट्रेन पॉइंट पर बेपटरी हुई, जिसकी जिम्मेदारी उनकी नहीं है।
वहीं, दूसरे ने कहा कि ट्रैक में खराबी की वजह से मालगाड़ी पटरी से उतरी। हालांकि, काफी देर बाद ट्रेन को पटरी पर लाया जा सका। इस दौरान दूसरी मालगाड़ियों को रास्ते में रोकना पड़ा, जिससे यात्री ट्रेनों का संचालन भी प्रभावित हुआ।