माध्यमिक शिक्षा विभाग से मान्यता प्राप्त वित्त विहीन इंटर कॉलेजों में कार्यरत शिक्षकों को चेक से मानदेय का भुगतान किया जाएगा। इसके लिए अगले वित्तीय वर्ष के बजट में प्रावधान कर दिया जाएगा।
मानदेय का भुगतान स्कूल प्रबंधन के माध्यम से कराया जाएगा। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सोमवार को वित्त विहीन शिक्षक महासभा के पदाधिकारियों से बातचीत के दौरान यह आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री से वार्ता के बाद वित्त विहीन शिक्षकों ने तीन दिन पुराना आंदोलन समाप्त कर दिया है। प्रदेश में करीब 18,000 वित्त विहीन इंटर कॉलेजों में सवा दो लाख के आसपास शिक्षक बताए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने आंदोलनरत शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल को वार्ता के लिए बुलाया था।
अगले बजट में होगा प्रावधान
इसमें माध्यमिक शिक्षा मंत्री महबूब अली, प्रमुख सचिव माध्यमिक शिक्षा जितेंद्र कुमार के अलावा वित्त विहीन शिक्षक महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रामवीर सिंह यादव, कार्यकारी अध्यक्ष व विधान परिषद सदस्य उमेश द्विवेदी, संजय कुमार मिश्रा, अशोक राठौर, अजय सिंह व रेनू मिश्रा शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि राज्य सरकार वित्त विहीन शिक्षकों को मानदेय देना चाहती है। इसलिए जिलेवार शिक्षकों का ब्यौरा एकत्र कराया जा रहा है। इसके आधार पर अगले वित्तीय वर्ष के बजट में मानदेय देने का प्रावधान किया जाएगा।
सीएम ने कहा, प्रदेश के छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार कृत संकल्प है और किसी भी परिस्थिति में शिक्षक व शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।