प्रदेश के मदरसा शिक्षकों के अच्छे दिन आने वाले हैं। अखिलेश यादव सरकार जल्द ही इन्हें बढ़े हुए मानदेय का तोहफा देने वाली है।
अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने इसके लिए प्रस्ताव तैयार कर लिया है। इसके तहत मदरसा शिक्षकों को एक हजार रुपये से लेकर तीन हजार रुपये तक का फायदा होगा।
केंद्र सरकार की मदरसा आधुनिकीकरण योजना में प्रदेश के कई मदरसों को अनुदान मिलता है। इसके तहत मदरसों में आधुनिक विषय पढ़ाने के लिए शिक्षकों को केंद्र सरकार की ओर से मानदेय दिया जाता है।
प्रदेश सरकार अब इसमें अपना अंश भी जोड़ेगी। ऐसे में मदरसा शिक्षकों को पहले से ज्यादा मानदेय मिल सकेगा।
आजम खां ने दी हरी झंडी
अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ विभाग की ओर से इस संबंध में तैयार किए गए प्रस्ताव को अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री मो. आजम खां ने भी हरी झंडी दे दी है। अब इसे वित्त व न्याय विभाग भेजा जा रहा है।
वहां से आने के बाद इसे कैबिनेट की बैठक में रखा जाएगा। वहां से मुहर लगने के बाद प्रदेश के करीब 17 हजार मदरसा शिक्षकों को इसका लाभ मिल सकेगा।
किसे कितना मानदेय
शिक्षकों की श्रेणी--वर्तमान--प्रस्तावित
पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षक--12000 रुपये--15000 रुपये
ग्रेजुएट शिक्षक--6000 रुपये--8000 रुपये
अंडर ग्रेजुएट शिक्षक--3000 रुपये--4000 रुपये
क्या है मदरसा आधुनिकीकरण योजना
केंद्र सरकार की ओर से मदरसों में पारंपरिक शिक्षा के अलावा विज्ञान, गणित, भाषा व सामाजिक अध्ययन जैसे विषय पढ़ाने के लिए मदरसों को अनुदान दिया जाता है।
इसके तहत प्रत्येक मदरसे में पोस्ट ग्रेजुएट शिक्षक को 12 हजार, ग्रेजुएट शिक्षक को छह हजार व अंडर ग्रेजुएट शिक्षक को तीन हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता है। हाईस्कूल एवं इससे ऊपर के मदरसों में कंप्यूटर लैब विकसित करने के लिए एक लाख रुपये का अनुदान दिया जाता है।
साइंस लैब के लिए भी केंद्र सरकार अनुदान देती है। इन दोनों लैब के रख-रखाव के लिए भी पैसा दिया जाता है। किताबें और पुस्तकालय के नाम पर भी 50 हजार रुपये सालाना केंद्र सरकार से मिलते हैं।
इस पर अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ के सचिव एसपी सिंह का कहना है कि मदरसा आधुनिकीकरण योजना के तहत मदरसा शिक्षकों का मानदेय बढ़ाने वाले प्रस्ताव को मंत्री ने मंजूरी दे दी है। अब इस पर अन्य विभागों से अनापत्ति मांगी जा रही है। वहां से प्रस्ताव आने के बाद इसे कैबिनेट की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा।