पति की मौत के बाद एक महिला के साथ ज्यादती कम होने का नाम नहीं ले रही है। महिला के मुताबिक ससुरालीजनों ने उसके पुत्र को जबरन छीन लिया, जबकि पुत्री के साथ उसे बेघर कर दिया। ससुरालीजन उसे नाबालिग बेटे से मिलने नहीं दे रहे हैं। दूसरी तरफ जब महिला न्याय की आस में कौड़िया थाने पहुंची तो उसे डांट-फटकार कर भगा दिया गया। पुलिस पर कार्रवाई न करने का भी आरोप है।
मामला बिरवा गांव का है। मिंटो देवी ने बताया कि थाना समाधान दिवस में शिकायत की थी। कोई कार्रवाई न होने पर सोमवार सुबह कौड़िया थाने पहुंची तो दरोगा और सिपाहियों ने सुनवाई करने बजाय डांटकर भगा दिया गया। मंगलवार को पीड़िता ने पुलिस ऑफिस में अपर पुलिस अधीक्षक (पश्चिमी) राधेश्याम राय से मिलकर शिकायत दर्ज कराई। एएसपी ने कार्रवाई का भरोसा दिलाया। साथ ही प्रभारी निरीक्षक को मामले में स्वयं जांच कर रिपोर्ट देने का निर्देश दिया।
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मिंटो देवी ने बताया कि दो महीने पहले पति शिवकुमार का निधन हो गया। आरोप लगाया कि 8 वर्षीय बेटे को लेकर सुसराजनों ने उससे जबरदस्ती छीन लिया। छह वर्षीय बेटी के साथ उसे घर से बाहर कर दिया गया। इसके बाद से वह अपने मायके कटराबाजार के बाबूपुर गांव में बेटे से दूर रहने पर मजबूर हो गई जिसके चलते लगातार पुलिस से मदद की गुहार लगा रही है।
दूसरी तरफ कौड़िया के प्रभारी निरीक्षक दुर्गविजय सिंह ने महिला के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि किसी को थाने से नहीं भगाया गया है। तहरीर मिलने पर कार्रवाई की जाएगी। महिला की ओर से प्रताड़ना व ससुराजनों पर लगाए गए अन्य आरोपों की जांच कराई जाएगी। हालांकि, मामले में पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई है।