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Gonda Kidnapping: हैलो! विकास दुबे वाला मैटर पता है न... धमकी देने वाली महिला की एक गलती से खुल गई पोल

Sat, 25 Jul 2020 02:19 PM IST
प्राची प्रियम अमर उजाला नेटवर्क, गोंडा
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गिरफ्तार छवि पाण्डेय और बरामद बच्चा - फोटो : अमर उजाला
उत्तर प्रदेश में कोरोना संक्रमण के साथ-साथ अपराध का ग्राफ भी बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार को बदमाशों ने कोरोना महामारी का फायदा उठाते हुए सैनिटाइजर देने के बहाने गोंडा के एक कारोबारी के बेटे का अपहरण कर लिया।

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गिरफ्तार छवि पाण्डेय - फोटो : अमर उजाला
हालांकि पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए शनिवार सुबह बच्चे को अपहरणकर्ताओं के चंगुल से सकुशल छुड़ा लिया। इस मामले में पुलिस ने एक महिला समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। 

बच्चे के अपहरण और उसके परिजनों से फिरौती की रकम मांगने में आरोपी महिला की जो भूमिका थी उसके बारे में जानकर पुलिस भी हैरान है। उसकी एक गलती की वजह से पुलिस को अपहरणकर्ताओं का सुराग लगा था, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया।
 
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मामले की जानकारी देते पुलिस अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
कौन है गिरफ्तार महिला
आरोपी महिला का नाम छवि पाण्डेय है। छवि एक अन्य आरोपी सूरज पाण्डेय की पत्नी है। छवि भी इस अपहरण में सक्रियता से शामिल थी। उसने ही बच्चे के कारोबारी पिता को फिरौती के लिए फोन किया था। 

उसने फोन करके चार करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। फिरौती की धमकी वाले ऑडियो में छवि साफ साफ यह कहती हुई सुनाई दे रही है कि- कानपुर वाले विकास दुबे मामले का पता है न, पुलिस किसी की नहीं होती।

 

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अपहृत बच्चा - फोटो : अमर उजाला
पढ़ें अपहृत बच्चे के पिता और छवि के बाच क्या हुई बातचीत:
छविः हैलो
कारोबारीः हैलो
छवि: (धमकाते हुए) आवाज न आ रही हो तो बताओ, आवाज न आ रही हो तो बताओ, आपका लड़का किडनैप हो चुका है।
कारोबारीः अच्छा, तो क्या करना पड़ेगा?
छवि: 4 करोड़ की व्यवस्था करो, हम शाम तक फोन करेंगे। ज्यादा दिमाग लगाने की कोशिश न करना। जो करोगे हमको सब पता चल जाएगा, अभी तक सब ठीक है वरना कानपुर वाला मैटर तो जानते हो न..?
कारोबारी: हां... कौन कानपुर वाला..?
 
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बच्चे के वापस आने के बाद खुशियां मनाते पुलिसकर्मी और परिवार के लोग - फोटो : अमर उजाला
छविः विकास दुबे वाला... जानते ही हो पुलिस किसका कितना साथ देती है... पुलिस के पास जाना चाहो तो जाओ...मैं मना नहीं कर रही हूं.. बस आपका लड़का आपको नहीं मिलेगा।
कारोबारी: हमें हमारा लड़का चाहिए बस।
छवि: आपको अपना लड़का चाहिए? दो तीन घंटे बाद मैं फोन करूंगी... बस हां या न में जवाब देना.... और अगर आपने कुछ भी कदम उठाने की कोशिश की तो लड़के की उम्मीद छोड़ दीजिए...
कारोबारीः जी जी... नहीं हम कोई कदम नहीं उठाएंगे
छविः जी ठीक है।


 
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बच्चे की बरामदगी के बाद खुश पुलिसकर्मी - फोटो : अमर उजाला
छवि की एक गलती से पुलिस को मिला सुराग
फिरौती के लिए जब कारोबारी को फोन आया तो उसने कॉल को अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया और यह रिकॉर्डिंग पुलिस को दे दी। अपहरणकर्ता (छवि) और कारोबारी की बातचीत सुनकर पुलिस ने तुरंत पकड़ लिया कि आरोपी कोई पेशेवर अपहरणकर्ता नहीं हैं।

छवि फोन पर कारोबारी से ठीक-ठाक लहजे में आप-आप करके बात कर रही थी। बातचीत के दौरान वह धमकी देने में अटक भी रही थी। ऐसा लग रहा था कि पीछे से कोई उसे बता रहा हो कि आगे क्या बोलना है।

 
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सकुशल बरामद किया गया मासूम - फोटो : अमर उजाला
पुलिस को तुरंत मामला समझ आ गया और तत्कात टीम गठित की गई। शनिवार सुबह गोंडा के करनैलगंज में ही पुलिस ने आरोपियों के साथ मुठभेड़ के बाद छवि समेत चार को गिरफ्तार किया और बच्चे को सही सलामत बरामद किया।
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