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सिंचाई विभाग का दावाः जल्दी शुरू होगा गोमती बैराज पुल का काम

Fri, 28 Jul 2017 01:06 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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गोमती बैराज पुल - फोटो : amar ujala
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साढ़े आठ महीने से गोमती बैराज के क्षतिग्रस्त पुल का काम भले ही ठप हो, पर सिंचाई विभाग ने  हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ के समक्ष 15 अगस्त तक पुल शुरू करवा देने का दावा किया है। वहीं पीडब्ल्यूडी और एनएचएआई ने कहा है कि एक साल से क्षतिग्रस्त पॉलीटेक्निक फ्लाईओवर को भी 8 से 10 हफ्ते यानी दो से ढाई महीने में शुरू करवा दिया जाएगा।
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अदालत ने संयुक्त समिति को निर्देश दिए कि यह सभी विभागों की ओर से उठाए गए कदमों और अब तक क्या हुआ, इसपर रिपोर्ट तैयार करे। अगली सुनवाई पर आठ हफ्ते के बाद यह रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा गया है। 

सिंचाई विभाग ने हाईकोर्ट में भले ही दावा किया हो कि15 अगस्त तक गोमती बैराज पुल शुरू कर दिया जाएगा, पर जिस तरह से काम अटका पड़ा है उससे इतने समय काम पूरा होना मुश्किल है। रिवरफ्रंट के कार्यों के दौरान पिछले साल दिसंबर में क्षतिग्रस्त होने के बाद से यह पुल बंद है।
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इसी महीने बजट में प्रदेश सरकार ने रिवर फ्रंट के लिए 250 करोड़ रुपये का प्रावधान किया। सिंचाई विभाग का अनुमान है कि पुल को दुरुस्त कराने के लिए साढ़े छह करोड़ रुपये की जरूरत है। पर, बजट में मिली रकम दूसरे कार्यों में खर्च की जा रही है।

साफ है कि विभाग की प्राथमिकता में पुल दुरुस्त करा नहीं रहा है। पुल दुरुस्त नहीं होने की वजह से शहर और ट्रांसगोमती क्षेत्र में आवागमन करने वाले हजारों नागरिकों को वैकल्पिक और भीड़ भरे मार्गों का उपयोग करना पड़ रहा है।


 
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परिवहन विभाग ने हटाया पॉलीटेक्निक बस अड्डा

डेमो - फोटो : demo pic
फैजाबाद रोड स्थित पॉलीटेक्निक चौराहे पर होने वाले ट्रैफिक जाम के बाद शहर के खस्ताहाल ट्रैफिक का हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया था। इस पर अवध बार एसोसिएशन की याचिका दायर की गई, जिसकी गुरुवार को सुनवाई के दौरान एसपी ट्रैफिक ने उन सभी विभागों की ओर से बीते तीन हफ्ते में उठाए गए कदमों की जानकारी हलफनामे के जरिये हाईकोर्ट में प्रस्तुत की।

आए दिन लग रहे जाम और इसे रोकने में नाकाम रहने पर हाईकोर्ट ने इससे पहले याचिका में सुनवाई के दौरान पांच विभागों पर अपनी नाराजगी जताई थी। मुख्य सचिव को निर्देश दिए थे वे सभी प्रमुख संबंधित विभागों के सचिवों को मिलाकर समिति बनाएं।

इस समिति को शहर में ट्रैफिक की समस्याओं की पहचान करने और सुधारने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश देने के लिए कहा गया था। उसे कुल छह हफ्ते का समय दिया गया है। वहीं बंद, क्षतिग्रस्त और अधूरे पुल व फ्लाईओवर सुधारने के लिए भी कहा था।

पॉलीटेक्निक चौराहा पायलट प्रोजेक्ट के रूप में सुधारने के लिए तीन हफ्ते दिए गए थे। जिस पर यह रिपोर्ट सभी विभागों ने प्रस्तुत की। हाईकोर्ट में यूपीएसआरटीसी ने बताया है कि उसने पॉलीटेक्निक चौराहे पर अपने बस अड्डे को डी-नोटिफाई कर दिया है। यहां अब उसकी बसें खड़ी नहीं की जाएंगी। केवल बस स्टॉप होगा जहां यात्री उतर सकेंगे।
 
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लोहिया पथ को बनाएंगे आदर्श

डेमो - फोटो : demo pic
एसपी ट्रैफिक रविशंकर निम ने हाईकोर्ट को अपने विभाग द्वारा किए अध्ययन के आधार पर जानकारी दी कि लखनऊ की सड़कों पर 63 ऐसे बिंदुओं की पहचान की गई है जहां नियमित जाम लग रहे हैं। जाम पर निम की ओर से दी गई जानकारी पर हाईकोर्ट ने पूछा कि हालात सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

इस पर बताया गया कि  24 ट्रैफिक सिग्नल लगाए जाने थे। हालांकि अब तक केवल कमता चौराहा, पॉलीटेक्निक चौराहा और गोल्फ क्लब पर ही यह काम हो सका है। वहीं इन जगहों पर जल्द ही ट्रैफिक पुलिस का स्टाफ बढ़ाया जाएगा जो आवागमन नियंत्रित करेंगे।

हाईकोर्ट ने निर्देश दिए कि इन सुधारों के लिए गंभीरता से कदम उठाए जाएं। एसपी ट्रैफिक ने हाईकोर्ट को बताया कि पॉलीटेक्निक चौराहे से समतामूलक चौराहे तक के करीब 3.5 किमी के मार्ग को पायलट प्रोजेक्ट क रूप में तैयार किया जाएगा। इसे ट्रैफिक के लिहाज से आदर्श के रूप में विकसित किया जाएगा।
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