14 लाख करोड़ रुपये का लोन गहने गिरवी रखकर ले लिया गया। छोटे शहरों के लोग रियल एस्टेट और शेयर बाजार में निवेश कर रहे हैं। महज तीन साल में 10 ग्राम सोने ने 45 फीसदी से ज्यादा मुनाफा दिया।
गोल्ड लोन ने नए रिकॉर्ड बना दिए हैं। इस वर्ष जून तक 14 लाख करोड़ रुपये का लोन केवल घर में रखे गहनों के एवज में ले लिया गया। जबकि एक वर्ष पहले 12.44 लाख करोड़ रुपये का गोल्ड लोन ले लिया गया था। यानी महज एक वर्ष में 1.60 लाख करोड़ रुपये के ज्यादा गहने बैंकों की कस्टडी में पहुंच गए।
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इसकी वजह सोने की कीमतों में लगी आग है, जिसका लोग जमकर फायदा उठा रहे हैं। गिरवी के एवज में मिली रकम को रियल एस्टेट और शेयर बाजार में लगाया जा रहा है। आरबीआई की हालिया रिपोर्ट ने निवेश के इस ट्रेंड को मजबूत किया है।
निवेश एक्सपर्ट राजीव तुलस्यान के मुताबिक सोने ने पिछले कुछ समय में उम्मीद से बेहतर रिटर्न दिया है। महज तीन साल में दस ग्राम सोने ने 19 हजार रुपये यानी 45 फीसदी से ज्यादा मुनाफा दिया है। इसी अवधि में शेयर बाजार में अप्रत्याशित रूप से निवेश बढ़ा है।
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खासतौर पर छोटे शहरों से निवेश करने वालों की संख्या में 12 गुना तक तेजी आई है। तीन साल में कुल खुले डीमैट खातों में 40 फीसदी छोटे शहरों के हैं। उन्होंने बताया कि लोगों के पास कैश सीमित है। इसलिए शेयर बाजार में निवेश के लिए गोल्ड लोन लेने का ट्रेंड तेज हुआ है।
इसमें सोना बेचना नहीं पड़ता। दूसरे पहले ही सोने से डेढ़ से दोगुना मुनाफा कमा चुके हैं। यही वजह है कि ज्वैलरी के एवज में इसका एक हिस्सा शेयर बाजार में लग रहा है। साल दो साल में वहां से मिले रिटर्न से गोल्ड लोन का भुगतान कर ज्वैलरी वापस ले लेते हैं। इस अवधि में सोने की कीमत भी बढ़ जाती है।
एफडी के एवज में 1.26 लाख करोड़ रुपये उधार लिए गए
बैंकों में एफडी पर रिटर्न 6-7 फीसदी से ज्यादा नहीं है। ज्यादा रिटर्न के लिए बिना एफडी तुड़वाए उस पर लोन लेने वालों की संख्या बढ़ी है। इस साल एफडी के एवज में 1.26 लाख करोड़ रुपये लोन लिए गए। पर, खास बात ये है कि शेयर बॉन्ड को लोग सबसे कम गिरवी रख रहे हैं। इससे सिर्फ नौ हजार करोड़ रुपये लिए गए हैं।
बाजार एनालिस्ट वीके खन्ना के मुताबिक सारा पैसा शेयर बाजार में नहीं लग रहा है। कोरोना के बाद लोगों ने फ्लैट या भूखंड के लिए भी गिरवी रखकर पैसा उठाया है। बीमारी, शिक्षा और शादी में भी लोन की रकम का एक हिस्सा खर्च हुआ है।
खर्च को लेकर जागरूक हैं लोग
आरबीआई रिपोर्ट के मुताबिक टीवी, फ्रिज व एसी आदि पर लोन लेने से लोग बचते हैं। इसलिए उपभोक्ता उत्पादों के लिए सिर्फ 24 हजार करोड़ रुपये का लोन लिया गया है। जबकि कार लोगों की जरूरत बन गई है। इसलिए 6 लाख करोड़ रुपये फाइनेंस करा लिए गए। साफ है कि लोग खर्च को लेकर जागरूक हो गए हैं।
साल-दर-साल 10 ग्राम सोने का भाव
1 जुलाई 2021 : लगभग 47 हजार रुपये
1 जुलाई 2022 : लगभग 51 हजार रुपये
1 जुलाई 2023 : लगभग 54 हजार रुपये