कुछ दिनों तक स्थिर रहने के बाद सोने-चांदी के दामों में फिर से उछाल आया है। हफ्ते भर के अंदर सोना 2350 और चांदी 3450 रुपये महंगी हुई है। इनमें से एक ही दिन में सोने की कीमत 1000 तो चांदी की 1600 रुपये बढ़ी है। उधर, सहालग सीजन में इस महंगाई का बाजार पर असर पड़ा है। लोग मजबूरी में कम कीमत के गहने खरीद रहे हैं। हालांकि, निवेश के लिए लोग अब भी गोल्ड पर सबसे ज्यादा भरोसा कर रहे हैं।
बजट के बाद सोना और चांदी अब तक के उच्चतम स्तर पर है। शहर के बड़े सराफा व्यापारियों का कहना है कि महंगाई के पीछे अंतरराष्ट्रीय स्थितियां जिम्मेदार हैं, क्योंकि एक फरवरी को ही अमेरिका के अन्य देशों पर टैरिफ लगाने से डॉलर में मजबूती आई है, जबकि रुपया कमजोर हुआ है। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें भी बढ़ी हैं।
हफ्ते भर में इस कदर बढ़े सोने के दाम
| तारीख |
24 कैरेट सोना (10 ग्राम) |
चांदी (किलो) |
| 29 जनवरी |
84000 |
93500 |
| 31 जनवरी |
85500 |
96200 |
| 1 फरवरी |
85500 |
96200 |
| 3 फरवरी |
85350 |
95300 |
| 4 फरवरी |
86350 |
96900 |
घरेलू टैक्सों में कटौती से ही मिलेगी राहत
आल इंडिया ज्वेलर्स एंड गोल्डस्मिथ फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष मनीष वर्मा ने कहा कि अमेरिका गोल्ड को नियंत्रित करने वाला देश है। ट्रंप सरकार आने के बाद से सराफा व्यापारियों को इसका अंदेशा था। जिस तरह के चीन, कनाडा और मेक्सिको पर टैरिफ लागू किए गए हैं, उससे डॉलर को मजबूती मिली और सोने के दाम बढ़े। बजट में उम्मीद थी कि जीएसटी में कमी होगी, लेकिन ऐसा न होने से अभी कीमतों में और भी उछाल आएगा।
इंपोर्ट ड्यूटी कम होने से भी मिलेगी राहत
यूपी सराफा एसोसिएशन के महामंत्री रविंद्र नाथ रस्तोगी का कहना है कि सभी देश साउथ अफ्रीका से सोना आयात करते हैं। अमेरिका इसमें बड़ा निवेशक है। भारत में इंपोर्ट ड्यूटी व अन्य टैक्स के कारण यह और महंगा हो जाता है, जबकि नेपाल व दुबई में सस्ता मिलता है। इसीलिए तस्करी बढ़ती है। बड़े व्यापारियों को इससे काफी मुश्किल होती है।