गैस एजेंसियों की मनमानी से परेशान लखनऊ व कानपुर के घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं को शनिवार से मनचाही गैस कंपनी व एजेंसी चुनने का मौका मिलेगा।
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर गैस नंबर पोर्टेबिलिटी सेवा को देश के 30 चुनिंदा शहरों में लागू किया जा रहा है। इसकी सफलता के आकलन के बाद अगले चरण में प्रदेश के अन्य शहरों में भी शुरू किया जाएगा।
केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय की हरी झंडी के बाद एलपीजी पूर्ति से जुड़ी तीनों प्रमुख तेल कंपनियों के राज्य समन्वयक यूपी सिंह ने शुक्रवार को लखनऊ व कानपुर शहर में गैस नंबर पोर्टेबिलटी (जीएनपी) सेवा 5 अक्तूबर से शुरू किए जाने का ऐलान किया।
घरेलू एलपीजी पर सब्सिडीयुक्त व्यवस्था के बाद एजेंसियों के स्तर से वितरण में तमाम तरह की परेशानियां उपभोक्ताओं को उठानी पड़ रही है।
डीलरों की मनमानी की शिकायतों के बाद भी न तो तेल कंपनियों और न ही प्रशासन के स्तर पर इससे छुटकारा दिलाने की कोई प्रभावी कार्रवाई हो पाती है।
केंद्र सरकार ने आधार कार्ड आधारित कैश बेस सब्सिडी स्कीम (डीबीटीएस) को एक जनवरी से लागू किए जाने के ऐलान के बाद तेल कंपनियों ने जीएनपी सेवा की शुरुआत को भी टालते हुए इसे डीबीटीएस के साथ ही एक जनवरी से शुरू किए जाने का मन बनाया था।
इस बीच सुप्रीम कोर्ट के आधार कार्ड की अनिवार्यता को लेकर दिए गए फैसले के बाद जीएनपी को 5 अक्तूबर से लागू करने का ऐलान हुआ है।
क्या है जीएनपी
गैस नंबर पोर्टेबिलटी (जीएनपी) सेवा के तहत घरेलू गैस उपभोक्ता मनचाही गैस कंपनी व एजेंसी को सेवा की गुणवत्ता के आधार पर खुद ही चुन सकेगा।
कैसे कर सकते हैं चुनाव
चुनाव का तरीका बेहद आसान है। इसके लिए ऑयल मार्केटिंग कंपनी (ओएमसी) की वेबसाइट पर जाकर इंडेन से जुड़े उपभोक्ता को www.indane.co.in, एचपी के उपभोक्ता www.hpgass.co.in तो भारत गैस कंपनी से जुड़े उपभोक्ता www.ebharatgass.co.in क्लिक करना होगा। इसके बाद जीएनपी ऑप्शन चुनना पड़ेगा।
वेबसाइट पर क्लस्टर ग्रुप के आधार पर मनचाही एजेंसी का विकल्प चुनने के बाद अगर वर्तमान गैस कंपनी से ही संबद्ध गैस एजेंसी होगी तो एक दिन में और अगर किसी दूसरी गैस कंपनी से संबद्ध होगी तो तीन दिन में एसएमएस के माध्यम से उपभोक्ता को जीएनपी ऑप्शन स्वीकार किए जाने की जानकारी मिलेगी।
कंपनी बदलने पर क्या करना होगा
गैस कंपनी बिना बदले दूसरी एजेंसी चुनने वालों को गैस एजेंसी को सिलेंडर व रेग्यूलेटर वापस नहीं करना पड़ेगा। दूसरी तेल कंपनी से संबद्ध गैस एजेंसी को चुनने पर जीएनपी ऑप्शन स्वीकार हो जाने के बाद पुरानी गैस एजेंसी को सिलेंडर व रेग्यूलेटर लौटाना पड़ेगा।
इसके बदले एजेंसी उपभोक्ता की ओर से जमा करायी गई सेक्योरिटी मनी 1450 रुपये रिफंड करेगा। यह राशि नई चुनी जाने वाली गैस एजेंसी में जमा कराते ही पुराने उपभोक्ता नंबर पर ही नया सिलेंडर व रेग्यूलेटर उपलब्ध करा दिया जाएगा।