सुधीर कुमार तायल को चार दिन बाद 29 जून को रिटायर होना था। वाराणसी कार्यालय के अधिकारी व कर्मचारी उनकी विदाई की तैयारी कर रहे थे। वहां उनकी मौत की खबर पहुंची तो सन्नाटा छा गया। कर्मचारियों ने भर्राए गले से कहा कि ऑफिस से विदाई होने वाली थी, लेकिन साहब ने दुनिया से विदा ले ली।