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ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट : 24 से ज्यादा देशों ने किया 50 हजार करोड़ का निवेश, सीएम योगी की नीतियों पर मुहर

Fri, 09 Sep 2022 09:24 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति-2020 के तहत जापान, कोरिया, फ्रांस, कनाडा, ताईवान, बेल्जियम, फिनलैंड, यूएसए और स्वीडेन की कंपनियों ने निवेश किया है। ग्रेटर नोएडा में 100 एकड़ में टेग्ना इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर बन रहा है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश विदेशी निवेशकों का मनपसंद स्थान बन गया है। प्रदेश में दो दर्जन से ज्यादा देशों ने 50 हजार करोड़ रुपये से अधिक का निवेश किया है। अगले साल जनवरी में होने वाले ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट-23 (जीआईएस) से प्रदेश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) और बढ़ने की संभावना है। इसके लिए सरकार की ओर से पूरी तैयारी की जा रही है। इससे प्रदेश में 10 लाख करोड़ रुपये के निवेश का लक्ष्य भी पूरा होगा।

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सीएम योगी ने प्रदेश में औद्योगिक माहौल बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। अवस्थापना और औद्योगिक विकास विभाग ने विदेशी निवेश को लेकर डेडिकेटेड हेल्प डेस्क बनाई है। पिछले पांच वर्षों में 12 देशों से 26371 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव मिले हैं और 39 परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटित हो चुकी है। इससे 38 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा। प्रमुख निवेशक देशों में सिंगापुर, यूएसए, जापान, यूके, कनाडा, जर्मनी और दक्षिण कोरिया की कंपनियां हैं।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति-2020 के तहत जापान, कोरिया, फ्रांस, कनाडा, ताईवान, बेल्जियम, फिनलैंड, यूएसए और स्वीडेन की कंपनियों ने निवेश किया है। ग्रेटर नोएडा में 100 एकड़ में टेग्ना इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर बन रहा है। लीथियम आयन बैटरी उत्कृष्टता केंद्र भी चल रहा है। अगले पांच वर्षों में विभाग की ओर से यमुना प्राधिकरण (इलेक्ट्रानिक सिटी), बुंदेलखंड (डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर्स), लखनऊ-उन्नाव में (चिकित्सा इलेक्ट्रॉनिक्स क्लस्टर) की स्थापना करेगा। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति-2017 के तहत विदेशी निवेशकों से 20490 करोड़ रुपये का निवेश मिला है। जबकि उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण नीति-2020 के तहत विदेशी निवेशकों ने 300 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव दिया है।
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पिछले दो वर्षों में उत्तर प्रदेश औद्योगिक राज्य प्राधिकरण (यूपीसीडा) को सात देशों से 3200 करोड़ रुपये का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश मिला है। इसमें यूनाइटेड किंगडम की तीन कंपनियों ने 1237 करोड़, यूएसए की दो कंपनियों ने 1237 करोड़, फांस से 307 करोड़, इटली से 250 करोड़, कनाडा से सवा सौ करोड़, जर्मनी की दो कंपनियों ने 60 करोड़, साइप्रस से 10 करोड़ रुपये का निवेश है। इससे 8650 से अधिक युवाओं को रोजगार मिलेगा।

जीआईएस के लिए 93 दूतावासों से संपर्क
जीआईएस-23 प्रदेश में विदेशों से सर्वाधिक निवेश लाएगा। इसके लिए 93 दूतावासों, विदेशी औद्योगिक संगठनों, विदेश मंत्रालय और इंवेस्ट इंडिया को पत्र लिखा गया है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) को ज्यादा से ज्यादा आकर्षित करने के लिए फोकस किया जा रहा है। कई नई नीतियां भी लाई जा रही हैं। इन नीतियों पर विदेशों में होने वाले रोड शो से पहले कैबिनेट में अंतिम मुहर लगाएंगे।

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