ललित कला अकादमी में अगर आपको चित्रों की प्रदर्शनी लगानी है तो सभी चित्रों की फोटोकॉपी आवेदन के दौरान देनी पड़ेगी।
मसलन, अगर आपको 60 चित्रों की प्रदर्शनी लगानी है तो सभी की फोटोकॉपी जमा करानी होगी। वह भी 15 दिन पहले।
यह निर्णय गुरुवार को अकादमी में ‘गैलरी बुकिंग’ को लेकर आयोजित बैठक में लिया गया, जिसमें अध्यक्ष सहित चयन समिति के सदस्य शामिल रहे।
इस मौके पर दिसंबर तक छह प्रदर्शनियों की बुकिंग भी फाइनल की गई हैं। ध्यान रहे कि 24 सितंबर को बुलंदशहर के चित्रकार गुलवीर सिंह संधू के 36 चित्रों की प्रदर्शनी ‘वैचारिक अभिव्यक्ति’ अकादमी में लगनी थी।
चित्र राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा पर आधारित थे, जिसमें नाथूराम गोडसे को देशप्रेमी और गोधरा कांड को उचित ठहराने जैसे तमाम चित्र थे।
लेकिन इस पर विवाद खड़ा होने के डर से ऐन वक्त पर अध्यक्ष लालजीत अहीर ने प्रदर्शनी को रद्द कर दिया। इस पर आवेदक ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में प्रदर्शनी रद्द की गई।
इस प्रकरण को ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद से यह सवाल लगातार उठ रहे थे कि प्रदर्शनी में लगने वाले सभी चित्रों को आवेदन के दौरान जमा कराया जाए ताकि विवादों की स्थिति से बचा जा सके।
हालांकि, इससे पहले सिर्फ छह चित्र ही आवेदन के दौरान जमा करने होते थे। वीथिका आरक्षण (गैलरी बुकिंग) को लेकर गुरुवार को बुलाई गई।
बैठक में अध्यक्ष सहित चयन समिति के सदस्य बनारस के प्रो. संतोष सिंह, लखनऊ की रेखा यादव व कानपुर की डॉ. प्रेम कुमारी श्रीवास्तव शामिल रहीं।
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