शौचालयों में लगने वाले डिवाइस को दिखाते निगम अधिकारी।
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शहर के पब्लिक टॉयलेट्स कैसे हैं, वहां सफाई कैसी है, अब इसे लेकर आप भी फीडबैक दे सकेंगे। इसके लिए मंगलवार से शौचालयों में वायरलेस इलेक्ट्रानिक डिवाइस लगाई जाएंगी। इसमें दिए ऑप्शन से जनता अपनी राय दे सकेगी, जिसे नगर निगम के अफसर अपने ऑफिस में भी बैठकर जान सकेंगे।
नगर निगम और बीएसएनएल के बीच करार के बाद डिवाइस लगाने का काम शुरू किया जा रहा है। एक डिवाइस का खर्च करीब 945 रुपये महीना आएगा। शहर में करीब 350 पब्लिक टॉयलेट हैं। पहले चरण में इस महीने के अंत तक 50 में डिवाइस लगा दी जाएगी।
केंद्र में नई सरकार आने के बाद देश में स्वच्छता सर्वेक्षण शुरू हुआ है। पिछली बार नगर निगम की रेटिंग 400 शहरों में 269 स्थान पर रही, जिससे बहुत किरकिरी हुई। इस बार रेटिंग टॉप टेन में रहे, इसे लेकर सरकार भी गम्भीर है।
इसका असर यह है कि नगर निगम प्रशासन भी स्वच्छता सर्वेक्षण प्रतियोगिता के सभी मानकों को पूरा करने में लगा है। इसे लेकर ही पब्लिक टॉयलेट्स का फीडबैक इनका इस्तेमाल करने वालों से लिया जाएगा। फीडबैक अच्छा आने पर प्रतियोगिता में अलग से नम्बर भी मिलेंगे।
ऐसे काम करेगी डिवाइस
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अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव ने बताया कि डिवाइस में तीन रंग (लाल, हरा, पीला) के बटन हैं। यदि पब्लिक टॉयलेट की व्यवस्था ठीक नहीं है तो उसका फीडबैक देने को लाल, औसत है तो पीला और अच्छी है तो हरा बटन दबाना होगा।
डिवाइस बीएसएनएल के सर्वर से जुड़ी रहेगी। इसे निगम के अधिकारी पासवर्ड के जरिए देख सकेंगे। किसी शौचालय का फीडबैक अधिक खराब होगा तो उसे लेकर एसएमएस भी संबंधित अधिकारी और शौचालय संचालन करने वाले को जाएगा।
गूगल से भी जुड़े हैं शहर के 321 टॉयलेट
शहर में कहां पब्लिक टॉयलेट्स हैं, इनकी स्थिति क्या है, नि:शुल्क हैं कि नहीं, यह सब अब आप जान सकेंगे। इसके लिए शहर के 321 टॉयलेट्स का ब्यौरा गूगल पर अपलोड कर दिया गया है। टॉयलेट लोकेटर एप से कोई भी अपने मोबाइल पर इसे जान सकता है। इसके लिए क्वालिटी काउंसिल आफ इंडिया (क्यूसीआई) के सहयोग से नगर निगम ने काम किया है। नगर निगम के पर्यावरण अभियंता पंकज भूषण ने बताया कि शहर के टॉयलेट्स की जानकारी गूगल पर अपलोड है।
ये बोले अपर नगर आयुक्त
अपर नगर आयुक्त पीके श्रीवास्तव ने कहा कि पहले चरण में शहर के 50 पब्लिक टॉयलेट्स में फीडबैक डिवाइस लगवाई जा रही है। मंगलवार से यह काम शुरू हो जाएगा। डिवाइस में लगे लाल, हरे और पीले बटन से शौचालय में जाने वाला व्यक्ति फीडबैक दे सकेगा कि उसके हिसाब से वहां पर सफाई व्यवस्था कैसी थी।