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छात्रा ने हॉस्टल के कमरे में लगाई फांसी, सुसाइड करने से पहले मां से की थी बात

Thu, 28 Mar 2019 02:24 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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लखनऊ के गुडंबा थानाक्षेत्र में कुर्सी रोड स्थित इंटीग्रल यूनिवर्सिटी की गर्ल्स हॉस्टल में रहने वाली बीएससी द्वितीय वर्ष की छात्रा अंकिता श्रीवास्तव (20) ने मां से फोन पर बात करने के बाद बुधवार सुबह फांसी लगा ली। उसका शव हॉस्टल की छठी मंजिल पर स्थित कमरा नंबर 616 में पंखे से लटकता मिला।
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उसकी रूम पार्टनर ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इस पर उसने हॉस्टल के कर्मचारियों को सूचना दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव नीचे उतारा और फोरेंसिक टीम को बुलाया। इस बीच अंकिता की बहन भी मौके पर पहुंच गई। बकौल पुलिस, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है।

परिवारीजन भी किसी पर कोई आरोप नहीं लगा रहे हैं। मौत की वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद साफ होगी। प्रभारी निरीक्षक गुडंबा रवींद्र नाथ राय के मुताबिक, महराजगंज के नौतनवा निवासी राजेश श्रीवास्तव की बेटी अंकिता बीएससी (बायोटेक) द्वितीय वर्ष की छात्रा था।
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इसी यूनिवर्सिटी में उसकी बड़ी बहन अर्पिता भी पढ़ती है। फरवरी में इंटर्नशिप शुरू हुई तो वह हॉस्टल छोड़कर पीजी में रहने लगी। रूम पार्टनर अंकिता सिंह ने बताया कि सुबह करीब सात बजे दोनों लोगों ने चाय-नाश्ता किया था। थोड़ी देर बाद अंकिता श्रीवास्तव कमरे में चली गई।

इंटीग्रल अस्पताल ले गई पुलिस

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कुछ देर बाद अंकिता सिंह भी कमरे में जाने लगी तो दरवाजा अंदर से बंद था। खटखटाने के बावजूद दरवाजा न खुलने पर उसने रोशनदान से झांका तो अंकिता श्रीवास्तव फांसी लगा चुकी थी। इसकी सूचना उसने वॉर्डन व अन्य कर्मचारियों को दी।

स्टाफ की सूचना पर पहुुंची पुलिस ने छानबीन के बाद शव नीचे उतारा। इस बीच अंकिता श्रीवास्तव की बड़ी बहन अर्पिता भी मौके पर पहुंच गई थी। पुलिस अंकिता को इंटीग्रल अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

पढ़ाई के डिप्रेशन में की खुदकुशी
पुलिस के मुताबिक, परिवारीजनों ने किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया है। बताया कि वह पढ़ाई को लेकर संवेदनशील थी। हाल ही में उसका परीक्षा परिणाम भी आया था। जिसमें उसके 83 प्रतिशत नंबर थे। वह अपने नंबरों से खुश नहीं थी।इसे लेकर वह डिप्रेशन में थी। इधर दो-तीन दिन से वह काफी परेशान थी। मंगलवार को अंकिता ने अर्पिता से मोबाइल पर बात की। इसके बाद अर्पिता ने हॉस्टल में जाकर उसे काफी समझाया भी था।
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पोस्टमार्टम नहीं कराना चाह रहे थे परिवारीजन

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क्षेत्राधिकारी गाजीपुर दीपक कुमार सिंह के मुताबिक, कमरे की तलाशी में छात्रा का मोबाइल मिला। अंतिम कॉल अंकिता ने मां को की थी। अर्पिता ने बताया कि अंकिता ने सुबह मां से बात की थी। उसने कहा कि मम्मी कुछ समझ नहीं आ रहा है। मैं खुदकुशी कर लूंगी। इसके बाद कॉल डिस्कनेक्ट कर दी। अर्पिता के मुताबिक, मां ने कई बार कॉल की, लेकिन रिसीव नहीं हुई। इस पर उन्होंने उसे हॉस्टल भेजा था।

पुलिस के मुताबिक, परिवारीजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाह रहे थे। इसके लिए वह पुलिस पर दबाव बना रहे थे। काफी समझाने के बाद देर शाम परिवारीजन तैयार हुए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम को भिजवाया गया।
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