जिसके साथ सात जन्मों के बंधन का सपना संजोया था, उसे अस्पताल में हमेशा के लिए सोया देख वंदना को ऐसा सदमा लगा कि उसने भी जीवन से नाता तोड़ लिया। बदहवास वंदना प्रेमी के घर पहुंची और खुद को कमरे में बंद कर फंदे से लटककर खुदकुशी कर ली।
यह दर्दनाक घटना राजाजीपुरम में बुधवार सुबह हुई। प्रेमी युगल की मौत से दिनभर इलाके में शोक का माहौल छाया रहा।
इंस्पेक्टर उदय प्रताप सिंह ने बताया कि हरदोई निवासी किसान अरविंद सिंह की 20 वर्षीय बेटी वंदना मूलरूप से हरदोई की थी और यहां पारा थाना के पीछे स्थित मकान में बड़ी बहन नंदिनी के साथ रहती थी।
करीब तीन साल पहले दोनों बहनें राजाजीपुरम के सेक्टर 12 बी ब्लॉक निवासी निजी कंपनी में काम करने वाले बलराज शुक्ला के घर पर किरायेदार थीं। वहां रहते हुए ही वंदना का बलराज के बेटे अभिनव उर्फ शुभम से प्रेम संबंध हो गया।
शुभम एक कंपनी में मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव था लेकिन कुछ दिन से नौकरी छोड़कर घर पर ही रह रहा था। बुधवार सुबह करीब पांच बजे शुभम बाथरूम गया था तभी उसे दिल का दौरा पड़ गया।
उसे तड़पता देख परिवारीजनों के होश उड़ गए। आनन-फानन शुभम को लारी कार्डियोलॉजी ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। शुभम की मौत की खबर वंदना पर कहर बनकर गिरी।
वह बहन के साथ अस्पताल पहुंची और शुभम का शव देखकर फफक पड़ी। किसी तरह बहन ने उसे संभाला। सुबह करीब दस बजे दोनों बहनें परिवारीजनों के साथ ही शव लेकर घर आ गईं।
इंस्पेक्टर ने बताया कि शुभम के परिवारीजनों ने किसी काम से वंदना को ऊपर भेजा था। गुमसुम वंदना ऊपर गई और लौटकर नहीं आई। करीब एक घंटे तक वह नजर नहीं आई तो नंदिनी उसे पुकारते हुए ऊपर गई।
वहां कमरे का दरवाजा भीतर से बंद देख उसने परिवारीजनों को बुलाया। काफी पुकारने पर भी भीतर से कोई जवाब नहीं मिला तो दरवाजा तोड़ दिया गया। भीतर पंखे से दुपट्टे के सहारे वंदना का शव लटकता देखकर हड़कंप मच गया।
शुभम की मौत के बाद वंदना की खुदकुशी की खबर ने मुहल्ले को हिला दिया। आसपास के इलाके के लोग एकत्र हो गए। पुलिस मौके पर पहुंची तो वंदना की जैकेट से सुसाइड नोट मिल गया। पुलिस का कहना है कि वंदना ने सदमे में खुदकुशी की है। उसकी और शुभम की शादी तय हो चुकी थी। अगले महीने विवाह होना था लेकिन इससे पहले ही अनहोनी हो गई।