यूपी के 20 लाख से कम आबादी वाले गोरखपुर और आगरा जैसे शहरों में लखनऊ की तर्ज पर मेट्रो नहीं चलाई जा सकती। प्रदेश सरकार को इन शहरों की जरूरत को देखते हुए लाइट रेल ट्रांजिट सिस्टम (मिनी मेट्रो) का प्रस्ताव दिया जा रहा है।
प्रदेश में मेट्रो प्रोजेक्ट के मुख्य सलाहकार व मेट्रोमैन डॉ. ई श्रीधरन ने यह जानकारी दी। वह मंगलवार को लखनऊ मेट्रो की समीक्षा करने के लिए राजधानी में थे। मेट्रो भवन में श्रीधरन ने बताया कि गोरखपुर में मेट्रो के लिए सर्वे चल रहा है।
हम वहां लखनऊ या दिल्ली की तरह मेट्रो चलाने के बजाय लाइट रेल ट्रांजिट सिस्टम की संभावना देख रहे हैं। गोरखपुर के लिए प्रदेश सरकार को ऐसा ही प्रस्ताव दिया जाएगा। सहमति बनने पर इसके लिए डीपीआर बनाने का काम शुरू हो जाएगा।
मिनी मेट्रो छोटे शहरों की जरूरत पूरा करने के लिए पर्याप्त है क्योंकि यहां यात्रियों की संख्या कम मिलती है। यह प्रोजेक्ट जहां मौजूदा सिस्टम से किफायती होगा, वहीं इसे तेजी से पूरा भी किया जा सकता है। ऐसी ट्रेन में मेट्रो की तुलना में कोच छोटे होंगे। इनकी गति भी कम रहती है। इनकी लागत भी कम आएगी।