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सुल्तानपुर: आपसी रंजिश में दबंगों ने युवती को जिंदा जलाया, चार के खिलाफ हत्या का मुकदमा

Tue, 22 Sep 2020 03:41 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : amar ujala
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सुल्तानपुर जिले के टड़रसा ऐंजर गांव में आपसी विवाद में दबंगों ने सोमवार सुबह हैंडपंप पर पानी भर रही युवती को मिट्टी का तेल डालकर जला दिया। जिसकी देर रात लखनऊ ट्रॉमा सेंटर लाते समय रास्ते में मौत हो गई। आग लगाने से पूर्व दबंगों ने युवती के मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और हाथ-पैर बांध कर पीटा। चीख-पुकार के बाद पहुंचे स्थानीय लोगों ने किसी तरह से आग पर काबू पाया।

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ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी और घायल युवती को लेकर सीएचसी धनपतगंज पहुंचे। जहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में युवती की हालत बेहद नाजुक होने पर उसे लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया था। जहां रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।

यह था पूरा मामला
जिले के बल्दीराय थाना क्षेत्र के टड़रसा ऐंजर गांव निवासी प्रदीप सिंह की पड़ोस के गांव परसौली निवासी जयकरन से रंजिश चल रही है। सोमवार की सुबह प्रदीप सिंह की बेटी श्रद्धा सिंह (18) घर के सामने लगे हैंडपंप पर पानी भर रही थी। पीड़िता के अनुसार तभी परसौली मजरे ऐंजर निवासी जय करन, सुभाष और महंथ वहां पहुंच गए। तीनों ने श्रद्धा सिंह के मुंह को हाथ से दबाकर उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद तीनों ने श्रद्धा का हाथ व पैर बांधकर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी। श्रद्धा की चीख-पुकार सुनकर आस-पास के लोग वहां पहुंचे तो आरोपी फरार हो गए। लोगों ने किसी तरह से आग पर काबू पाया।
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ग्रामीणों ने इसकी सूचना एसओ बल्दीराय अखिलेश सिंह को दी और आग से झुलसी श्रद्धा को लेकर सीएचसी धनपतगंज पहुंचे। जहां चिकित्सक डॉ. सत्येंद्र सिंह ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। वह 80 प्रतिशत जल चुकी थी। जिला अस्पताल में युवती की हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उसे ट्रॉमा सेंटर लखनऊ रेफर कर दिया।

चार पर हत्या का मुकदमा
युवती की मौत के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने मां की तहरीर पर केस दर्ज करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दूसरी तरफ मंगलवार की शाम जैसे ही शव लखनऊ से घर पहुंचा, कोहराम मच गया। मामले को संदिग्ध बताने वाले एसओ अखिलेश सिंह को जब मौत की जानकारी हुई तो आनन-फानन में मां अर्चना देवी पत्नी प्रदीप सिंह की तहरीर पर चारों आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने मंगलवार को हत्या में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया। दूसरी तरफ शाम को लखनऊ से जब श्रद्धा का शव घर पहुंचा तो कोहराम मच गया। पुलिस कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने एसओ व चौकी इंचार्ज के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना था कि यदि पुलिस समय रहते आरोपियों को गिरफ्तार की होती तो शायद श्रद्धा आज जिंदा होती।

जेल में निरुद्ध पिता को मिली पैरोल, पहुंचा घर
टड़रसा गांव निवासी प्रदीप सिंह को मंगलवार को बेटी की अंतिम संस्कार के लिए कोर्ट से पैरोल मिल गई। देर शाम प्रदीप सिंह टड़रसा गांव घर पहुंचे और बेटी के शव को देखकर फफक कर रोने लगे। प्रदीप सिंह के मुंह से बार-बार यही निकल रहा था कि एसओ बल्दीराय अखिलेश सिंह और देहली बाजार चौकी इंचार्ज खुर्शीद आलम की लापरवाही से ही उनकी बेटी की जान गई। प्रदीप सिंह ने आरोप लगाया कि एसओ विपक्षियों को बचाते रहे।

छावनी में तब्दील हुआ टडरसा गांव
टड़रसा गांव में श्रद्धा सिंह का शव लखनऊ से आने से पूर्व ही कई थानों की पुलिस गांव पहुंच गई। पुलिस के अधिकारी शव का इंतजार करते रहे। जैसे ही शव गांव पहुंचा ग्रामीणों ने नारेबाजी शुरू कर दी। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में पुलिस तैनात रही।

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