गिन्नी बताती है कि अखबार में सबसे पहली फोटो ‘अमर उजाला’ में छपी। 2012 ‘घर-घर कान्हा’ कार्यक्रम में मेरी पहली फोटो प्रकाशित हुई। उसके बाद ढाई साल की उम्र में पहली नाट्य प्रस्तुति दी। उसके बाद से तो यह सिलसिला अनवरत जारी है। अब तक लगभग 700 से ज्यादा नाट्य प्रस्तुतियां दे चुकी हूं।
भरतनाट्यम का प्रभाकर जो कि दस साल का होता है, उसके पांच साल गिन्नी पूरी कर चुकी है। तकनीकी कारणों से अब उसके लिए पांच साल का ब्रेक लेना पड़ा है, जिसके बाद अब विशारद का प्रशिक्षण शुरू कर दिया है।
माउंट कार्मल स्कूल में पांचवीं कक्षा की छात्रा गिन्नी पढ़ाई में भी अव्वल है। पिता योगेंद्र सहगल बताते हैं कि व्यस्तता के चलते गिन्नी को काफी ज्यादा छुट्टियां लेनी पड़ती हैं, पर स्कूल के सहयोग से पढ़ाई में कभी बाधा नहीं आई। स्कूल के कार्यक्रमों में भी गिन्नी हिस्सा लेती है। बताते हैं कि अभी कुछ दिन पहले ही एक फंक्शन में इसने एक डांस की कोरियोग्राफी भी की थी।
डांस के साथ ही नन्ही गिन्नी को अभिनय का भी शौक है। वह एक मोबाइल विज्ञापन के साथ कई शॉर्ट मूवी में भी अभिनय कर चुकी है। इसमें ‘अपमानित ध्वज’, अग्निदेव चटर्जी की ‘बबलू बैचलर’, अवध क्रिएशन की ‘आजादी’, पायल सिंह की ‘आखिर मां हूं’ कर चुकी है। हाल ही में गीतिका वेदिका ने ‘तीसरा कंबल’ के लिए गिन्नी का चुनाव किया है।