लखनऊ। राजधानी में कोरोना की दूसरी लहर के बाद शुक्रवार से सरकारी अस्पतालों में फिर से ओपीडी शुरू हो गई। शुक्रवार से ओपीडी शुरू हो गई। लेकिन पहले दिन सिविल, बलरामपुर, डफरिन, झलकारीबाई, बीआरडी महानगर व रानीलक्ष्मीबाई अस्पताल की ओपीडी में कुल मिलाकर 1500 मरीज भी नहीं पहुंचे। इससे यहां ज्यादातर समय सन्नाटा पसरा रहा। आम दिनों में इन अस्पतालों की ओपीडी में कुल 16 से 17 हजार मरीज आते रहे हैं। पहले दिन इन अस्पतालों की ओपीडी में पहुंचे मरीजों से कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन कराया गया।
सिविल के सभी विभागों में ओपीडी शुरू
सिविल अस्पताल में शुक्रवार से सभी विभागों की ओपीडी शुरू की गई। पहले दिन 512 मरीज यहां पहुंचे। सुबह मरीजों की संख्या बेहद कम रही। दोपहर बाद इनकी तादाद बढ़ी। आम दिनों में यहां पांच से छह हजार मरीज पहुंचते हैं। सीएमएस डॉ. एसके नंदा ने बताया कि 512 मरीज देखने के साथ कुछ मरीजों को ऑपरेशन की तारीख भी दी गई।
बलरामपुर के तीन विभागों में आए 150 मरीज
बलरामपुर अस्पताल में पहले दिन ईएनटी, आई व सर्जरी की ओपीडी चली। यहां करीब 150 मरीज देखे गए। कई मरीजों को जांच के बाद ऑपरेशन की तारीख भी दी गई। सीएमएस डॉ. आरके गुप्ता ने बताया कि एक मरीज का हार्निया का ऑपरेशन भी हुआ। अन्य विभागों की ओपीडी भी जल्द शुरू होगी। यहां आम दिनों में रोजाना छह से सात हजार मरीज ओपीडी में पहुंचते हैं।
रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल में देखे 100 मरीज
रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल में भी तीन विभागों ईएनटी, एआरवी व नेत्र रोग की ओपीडी में करीब 100 मरीज देखे गए। सर्जरी व अन्य विभागों में डॉक्टर न मिलने से मरीजों को निराश लौटना पड़ा। सीएमएस डॉ. अनिल आर्या ने बताया कि अभी कुछ विभाग की ही ओपीडी शुरू हुई है। यहां आम दिनों में 1000 के करीब मरीज पहुंचते हैं।
बीआरडी महानगर में 143 का चेकअप
भाऊराव देवरस अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनीष के मुताबिक सर्जरी, फीवर, ईएनटी और नेत्र रोग विभाग की ओपीडी 143 मरीज पहुंचे। इसी तरह डफरिन अस्पताल में 95 व झलकारीबाई अस्पताल में 104 मरीज देखे गए। इन अस्पतालों में भी आम दिनों में 1000 के करीब ओपीडी रहती है।