परीक्षा नियामक प्राधिकारी सचिव अनिल भूषण चतुर्वेदी ने कहा कि अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन पत्र में स्वयं को ओबीसी अभ्यर्थी ही अंकित किया है। अब काउंसलिंग इसलिए ही कराई जा रही है ताकि यह सत्यापित हो जाए कि अभ्यर्थियों ने परीक्षा के आवेदन पत्र में जो तथ्य प्रस्तुत किए हैं वह सत्य हैं या नहीं।
उन्होंने कहा कि इनका चयन ओबीसी अभ्यर्थी के रूप में हुआ है, यदि ओबीसी का प्रमाण पत्र नहीं हुआ तो उनका चयन निरस्त हो जाएगा। चतुर्वेदी ने कहा कि ऑनलाइन फार्म भरने पर एक घोषणा पत्र देना होता है कि जो भी अंकित किया गया है उसे चेक कर लिया है।
बेसिक शिक्षा परिषद ने 69,000 सहायक अध्यापक भर्ती में सोशल मीडिया पर चयनित अभ्यर्थियों के जातिवार भ्रामक आंकड़े प्रसारित करने के मामले में यूपी पुलिस की लखनऊ स्थित साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई है। परिषद के उप सचिव अनिल कुमार ने आरोप लगाया है कि कुछ असामाजिक तत्व सोशल मीडिया पर चयनित अभ्यर्थियों के जातिवार आंकड़े जारी कर अभ्यर्थियों को भ्रमित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा है कि परिषद ने भर्ती का परिणाम जारी करने में आरक्षण की नियमावली का पूरी तरह पालन किया है। परिणाम एनआईसी द्वारा तैयार सॉफ्टवेयर से जारी किया गया है। इसमें कहीं भी मानवीय हस्तक्षेप नहीं है। उन्होंने मामले की जांच कर कार्रवाई करने का आग्रह किया है।