हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एक अहम फैसले में जेमिनी कॉन्टिनेंटल होटल के
विवादित हिस्से को अवैध करार देते हुए ढहाने का आदेश दिया है।
इसके लिए
महीने भर का समय दिया गया है। होटल के इस हिस्से का निर्माण कोर्ट के
स्थगनादेश के बावजूद किया गया है।
अदालत ने अवमानना करने वाले होटल के एमडी
विजय कुमार साहू को दो माह की साधारण कारवास की सजा सुनाते हुए दो लाख
रुपये का हर्जाना भी ठोका है।
साथ ही एमडी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी
कर सीजेएम लखनऊ के समक्ष 29 नवंबर को पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट
ने यह आदेश सिकंदर अली की वर्ष 1999 से लंबित अर्जी पर सुनाया।
न्यायमूर्ति
देवी प्रसाद सिंह व न्यायमूर्ति विष्णुचंद्र गुप्ता की खंडपीठ ने सोमवार
को यह फैसला सुनाते हुए कहा कि स्थगनादेश के बावजूद प्रतिवादी पक्षकारों
जोहरा हुसैन व अन्य ने जेमिनी कॉन्टिनेंटल प्रा.लि. नामक होटल का निर्माण
कार्य जारी रखा।
कोर्ट के आदेश से नियुक्त अधिवक्ता कमिश्नर की रिपोर्ट पर
वहां यथास्थिति बहाल करने का आदेश भी दिया गया लेकिन निर्माण नहीं रोका
गया।
कारोबार, सियासत और नौकरशाही में खासा दखलजेमिनी होटल के एमडी विजय कुमार साहू
का परिवार लखनऊ का नामी कारोबारी होने के साथ ही सियासत और नौकरशाही में
खासा दखल रखता है। इसी परिवार ने लखनऊ में बरसों पहले साहू चिटफंड की
शुरुआत की थी।
आज कई एजेंसी व रीयल एस्टेट तक उनका व्यवसाय फैला है। विजय
भाजपा के बड़े नेता राम नारायण साहू के भतीजे हैं। राम नारायण पहले सपा से
राज्यसभा सांसद रहे हैं।
फिलहाल भाजपा के उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के
अध्यक्ष हैं। उनके पुत्र धीरज साहू वरिष्ठ आईएएस अधिकारी हैं और अरसे से
लखनऊ में ही तैनात हैं।
खुद ढहाएं नहीं तो एलडीए गिराएगाकोर्ट
ने कहा कि पहली व दूसरी कमीशन रिपोर्ट यानी 13 मई 2000 से 21 मई 2011 के
बीच कराए गए सभी निर्माण को मेसर्स जेमिनी कॉन्टिनेंटल खुद ढहाए। ऐसा न
करने पर विवादित हिस्से को एलडीए ढहा देगा और इसकी लागत होटल प्रबंधन से
वसूलेगा।