पेट्रोल, डीजल और फिर केरोसिन की बड़े पैमाने पर घटतौली पकड़े जाने के बाद अब गैस कंपनियां चौकन्नी हो गई हैं। एसटीएफ गैस एजेंसियों पर कार्रवाई का प्लान बना ही रही थी कि उन्होंने अपने स्तर से जांच शुरू कर दी।
कंपनियां खुद छापेमारी कर रही हैं। शनिवार को कई गैस एजेंसियों पर छापे मारे गए। हालांकि अभी कहीं से घटतौली या गैस चोरी नहीं पकड़ी गई है लेकिन सूत्रों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इसकी चोरी बड़े पैमाने पर हो रही है।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत दिए गए कनेक्शन की वजह से गांवों में गैस सिलेंडरों की संख्या बढ़ गई है। इसलिए ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सिलेंडर और गैस के वजन में उलझा कर इस तरह की चोरी को अंजाम दिया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, गैस चोरी का खेल सिलेंडरों के गोदाम पर होता है। ग्रामीण क्षेत्रों में हर सिलेंडर से ढाई सौ ग्राम से लेकर एक किलो तक की गैस चोरी कर ली जाती है।
कुछ गैस एजेंसी संचालक प्रति सिलेंडर 15 से 50 रुपये तक का मुनाफा कमा रहे हैं। आपूर्ति विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के बाद सिलेंडरों में कम गैस की शिकायतें बढ़ी हैं।