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गैंगस्टर जीवा हत्याकांड : दोहराया गया क्राइम सीन, विवेचना के लिए स्पेशल टीम गठित, टीम जल्द सौंपेगी रिपोर्ट

Fri, 09 Jun 2023 10:37 PM IST
Digvijay Singh माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा हत्याकांड में पुलिस शुक्रवार फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर क्राइम सीन दोहराया। इसके जरिये पूरी घटना समझी। किस तरह से हमलावर आया और किस तरह से वारदात को अंजाम देने के बाद पकड़ा गया।
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संजीव माहेश्वरी जीवा - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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गैंगस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा हत्याकांड में पुलिस शुक्रवार फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर क्राइम सीन दोहराया। इसके जरिये पूरी घटना समझी। किस तरह से हमलावर आया और किस तरह से वारदात को अंजाम देने के बाद पकड़ा गया। करीब दो घंटे तक कार्रवाई चली। फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य व सुराग जुटाए। इसकी रिपोर्ट अब पुलिस को सौंपेगी। उधर, ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर कानून-व्यवस्था ने केस की विवेचना के लिए एक स्पेशल टीम गठित की है। इसमें सर्विलांस के एक्सपर्ट भी शामिल हैं।

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शाम करीब सात बजे पुलिस के अफसर व फोरेंसिक टीम एससीएसटी कोर्ट पहुंची, जहां पर संजीव उस दिन बैठा था और पुलिसकर्मी तैनात थे उसी तरह का सीन बनाया गया। संजीव बाथरूम जाता है। इसके बाद वह जब कोर्ट में घुसता है तो उस पर गोलियां दगनी शुरू हो जाती हैं। कोर्ट रूम के भीतर संजीव गिर जाता है, जहां पुलिसकर्मी घायल होकर गिरे थे वहीं पर उनको खड़ा किया गया। ये भी देखा गया कि किस तरफ से हमलावर फरार होने के लिए दौड़ा था और वकीलों ने दबोच लिया था। क्राइम सीन रिक्रिएशन की विस्तृत रिपोर्ट फोरेंसिक टीम तैयार करेगी, जिसको पुलिस अपनी विवेचना में शामिल करेगी। इससे छूटे हुए साक्ष्यों व सुराग तलाशने में आसानी होगी।

 

इंस्पेक्टर वजीरगंज मुख्य विवेचक, तीन सह विवेचक
ज्वॉइंट सीपी कानून-व्यवस्था उपेंद्र अग्रवाल ने बताया कि विवेचना बेहतर तरीके से हो इसलिए स्पेशल टीम गठित की गई है। इसमें इंस्पेक्टर वजीरगंज मनोज कुमार मिश्रा मुख्य विवेचक हैं। उनके साथ तीन सह विवेचक भी लगाए गए हैं। इसमें इंस्पेक्टर राजेंद्र कुमार शुक्ला, इंस्पेक्टर रमेश चंद्र यादव व दरोगा हरिद्वारी लाल शामिल हैं। तकनीकी पड़ताल व साक्ष्य जुटाने के लिए सर्विलांस प्रभारी इंस्पेक्टर राजदेव प्रजापति, हेडकांस्टेबल विनय सिंह, गोविंद और सिपाही नवीन प्रताप सिंह को टीम रखा गया है। जो सीसीटीवी, कॉल डिटेल आदि जुटाकर सुबूत इकट्ठा करेगी।

 

आज कस्टडी रिमांड के लिए अर्जी देगी पुलिस
आरोपी विजय यादव बृहस्पतिवार को जेल भेजा गया था। जेसीपी ने बताया कि शनिवार को कोर्ट में अर्जी देकर आरोपी को कस्टडी रिमांड मांगी जाएगी। क्योंकि, प्रकरण में आरोपी विस्तृत पूछताछ अभी नहीं हो सकी है। लिहाजा कस्टडी में लेकर पूछताछ जरूरी है।

 

एसआईटी की जांच में फंसेंगे लापरवाह अफसर
ज्वॉइंट सीपी ने बताया कि पुलिस की दोनों टीमें केस से संबंधित कार्रवाई करेंगी। बाकी विभागीय स्तर पर जांच के लिए एसआईटी गठित की गई है। एसआईटी अपने स्तर से कार्रवाई कर रही है। शुरुआती जांच में छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। आगे जब एसआईटी की जांच पूरी होगी तो उसमें उन अफसरों की भी जिम्मेदारी तय की जाएगी, जिनकी लापरवाही रही। इसमें कई अफसर, इंस्पेक्टर व दरोगा भी जद में आएंगे।

 

छह गोली चलीं, किसी तरह का कोई संशय नहीं
जेसीपी ने कहा कि कितनी गोलियां चलीं और कितनी संजीव को लगीं थीं, इस पर किसी तरह का संशय नहीं है। उसको छह गोलियां लगी थीं। जो आरपार हो गई थीं। संजीव के शरीर पर इसके 12 निशान (गोली लगने व निकलने के) हैं। अन्य चार इंजरी हैं जो हाथ में हैं। गोली निकली हैं तब हाथों से टकराई हैं। जेसीपी ने बताया कि अब तक की जांच में यही सामने आया है कि अकेले विजय ने ही गालियां बरसाईं। आगे की जांच में पता चलेगा कि कोई साथी बैकअप में था या नहीं। साजिश में कौन कौन शामिल है। ये अभी पता नहीं चल सका है।

 
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एक और दरोगा को लगी थी गोली
घटना के दिन सामने आया था कि बीकेटी निवासी नीलम, उनकी बेटी लाडो, कमलेश व लाल मोहम्मद जख्मी हुए थे। जेसीपी ने बताया कि एक अन्य पुलिसकर्मी दरोगा उत्कर्ष त्रिपाठी भी जख्मी हुए थे। उत्कर्ष को भी गोली छूते हुए निकली थी। कुल पांच लोग घटना में घायल हुए थे।
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