लखनऊ की हजरतगंज पुलिस ने दो फरवरी की सुबह रणजीत बच्चन हत्याकांड मामले में चार आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की है।
इसके अलावा सप्रू मार्ग स्थित पुलिस आयुक्त आवास के पास से टैक्सी चालक को अगवाकर उसकी हत्या करने व शव बाराबंकी में फेंकने के आरोपियों पर भी गैंगस्टर लगाया गया है।
एसीपी हजरतगंज अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि रणजीत बच्चन की हत्या पारिवारिक विवाद में की गई थी। वह हुसैनगंज के बर्लिंग्टन चौराहा स्थित ओसीआर भवन में रहते थे।
दो फरवरी की सुबह वह अपने साथी आदित्य के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तभी ग्लोब पार्क के पास पैदल आए बदमाशों ने उन्हें ताबड़तोड़ गोलियां मारकर मौत के घाट उतार दिया और भाग गए। ं
स्मृति और दीपेंद्र ने मिलकर कराई थी हत्या
पुलिस ने रणजीत की दूसरी पत्नी स्मृति वर्मा, उसके प्रेमी दीपेंद्र, शूटर व दीपेंद्र के चचेरे भाई जितेंद्र और ड्राइवर संजीत को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा किया था। चारों पर गैंगस्टर लगाया गया है।
रणजीत की हत्या स्मृति और दीपेंद्र ने मिलकर कराई थी। दीपेंद्र और शूटर जितेंद्र ने रणजीत का पीछा किया और ग्लोब पार्क के पास मौका देखकर उन्हें ताबड़तोड़ गोलियां मारकर भाग गए थे।
इस मामले पर भी गैंगस्टर की कार्रवाई
इसके अलावा 29 दिसंबर 2019 को पुलिस आयुक्त आवास के पास से राजेंद्रनगर के लोकमान्यगंज निवासी डीसीएम चालक विकास गुप्ता को अगवा कर हत्या करने व शव बाराबंकी के माती गांव में किसान पथ स्थित शारदा पुल से नीचे फेंकने के आरोपी बृजेश व सोनू उर्फ अमरीश पर भी गैंगस्टर की कार्रवाई की गई है।
एसीपी हजरतगंज ने बताया, आरोपी बृजेश व सोनू मृतक के चचेरे भाई हैं और संपत्ति को लेकर हत्या की थी। दोनों ने 26 दिसंबर को विकास को सप्रू मार्ग बुलाया और कार में बैठाकर बाराबंकी की तरफ ले गए। रास्ते में गला कसकर हत्या कर दी थी। पुलिस ने छानबीन की तो सीसीटीवी कैमरे में बृजेश व सोनू उसे ले जाते हुए नजर आ गए। दोनों से सख्ती से पूछा तो उन्होंने जुर्म कुबूल लिया।