इस बीच कुछ लोग एक किशोरी को बेहोशी व लहूलुहान हालत में ट्रॉमा सेंटर के गेट पर छोड़कर भाग गए। किशोरी ने बताया कि वह शाम को घर से निकली कि मानखेड़ा गांव का बउवा उसे जबरन सुनसान जगह ले गया। यहां उसके तीन और साथी थे। तीनों ने मुंह दबाकर उसके साथ जबरदस्ती की।
विरोध किया तो ईंट से चेहरे पर कई वार किए। किशोरी का कहना है कि वह बेहोश हो गई। इसके बाद क्या हुआ? वह ट्रामा सेंटर कैसे पहुंची? उसे अस्पताल कौन लाया? इस बारे में उसे कोई जानकारी नहीं। वहीं पुलिस के अनुसार आरोपी बउवा का दावा है कि किशोरी उसकी परिचित है। उसे बाइक से गिरने की वजह से चोट लगी है।