रामनगरी अयोध्या को यूं ही गंगा जमुनी तहजीब की नगरी नहीं कहा जाता, अयोध्या समय-समय पर इसको साबित भी करती रही है। अयोध्या हमेशा सौहार्द का संदेश देती रहती है। मंगलवार को ईद के मौके पर अयोध्या में एक बार फिर गंगा जमुनी तहजीब का नजारा दिखा।
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रामनगरी अयोध्या को यूं ही गंगा जमुनी तहजीब की नगरी नहीं कहा जाता। अयोध्या समय-समय पर इसको साबित भी करती रही है। अयोध्या हमेशा सौहार्द का संदेश देती रहती है। मंगलवार को ईद के मौके पर अयोध्या में एक बार फिर गंगा जमुनी तहजीब का नजारा दिखा।
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श्री राम जन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने मस्जिद के पूर्व पक्षकार इकबाल अंसारी के घर पहुंच कर उन्हें ईद की बधाई दी तो इकबाल ने भी पुजारी का स्वागत कर उन्हें अक्षय तृतीया की बधाई दी, जिससे एक बार फिर से राम नगरी से पूरे विश्व को सौहार्द का संदेश गया।
राम जन्म भूमि के मुख्य पुजारी आचार्य सत्येंद्र दास ने कहा कि अयोध्या में हम लोगों के बीच यह संबंध पूर्व से चलता रहा है। मंदिर मस्जिद विवाद को लेकर भी हमारे गुरु और इनके पिता दोनों एक साथ बैठकर कचहरी भी जाते थे, मुकदमा भी लड़ते रहे हैं। जब हमारे इस विवाद को लेकर फैसला आया तब भी हम लोगों ने एक साथ बैठकर उस फैसले को स्वीकार किया।