लखनऊ। एसटीएफ ने डीजल, पेट्रोल में केमिकल मिलाकर सप्लाई करने वाले गिरोह का राजफाश करते हुए पांच आरोपियों को सैरपुर इलाके से मंगलवार को गिरफ्तार किया। आरोपी पेट्रोल, डीजल में एथेनॉल और साल्वेंट मिलाकर लखनऊ और आसपास के जिलों में सप्लाई करते थे।
एसटीएफ में एएसपी अमित कुमार नागर के मुताबिक लंबे समय से मिलावटी डीजल, पेट्रोल की सप्लाई की सूचना मिल रही थी। इसके लिए बनाई टीम ने सैरपुर के लोध मऊ निवासी रामू यादव, आईआईएम रोड के सुखबीर कुमार, लखीमपुर खीरी के बेलवा हैदराबाद के टैंकर चालक सुजीत कुमार, मान खेड़ा के रिंकू सिंह और बाराबंकी के हुसैन मऊ देवा निवासी मो. दीनू को दबोचा। आरोपी सीतापुर की तरफ जाने वाले हाईवे पर लोधामऊ गांव के किनारे बाग में मिलावट कर रहे थे।
इनके पास से नौ ड्रम एथेनॉल और साल्वेंट मिला है। हर ड्रम में 200 लीटर केमिकल था। तीन ड्रम पेट्रोल, एक ड्रम एथेनॉल, साल्वेंट और पेट्रोल का मिश्रण, एक ड्रम पेट्रोल, 15000 लीटर पेट्रोल व 5000 लीटर डीजल भरा टैंकर, पिकप, वैन और अन्य सामान भी बरामद किया गया है।
75-80 रुपये में बेचते थे
आरोपियों को पकड़ने के बाद एसटीएफ ने आबकारी विभाग को जानकारी दी। आबकारी निरीक्षक ने ड्रम से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे, जिनमें मिलावट की पुष्टि हुई। आरोपी मिलावटी पेट्रोल व डीजल हरदी व धीरेंद्र अवस्थी के माध्यम से लखनऊ व आस-पास के जिलों में 75 से 80 रुपये लीटर की दर से बेचते थे।
इंजन खराब कर देता है मिलावटी तेल
रिंकू ने बताया कि वह साथियों के संग लंबे समय से मिलावट कर रहा है। इसी मामले में जुलाई 2024 में जेल भी जा चुका है। आरोपी दीनू के माध्यम से 30 रुपये प्रति लीटर की दर से केमिकल मंगवाते थे। तेल कंपनियों के टैंकरों से पेट्रोल व डीजल निकालने के बाद उसमें उतना ही केमिकल मिला देते हैं। इससे टैंकरों में लोड कम नहीं होता और किसी को पता भी नहीं चलता था। मिलावटी पेट्रोल और डीजल से चलने वाले वाहन समय से पहले खराब हो जाते हैं। सबसे ज्यादा असर इन वाहनों के इंजन पर पड़ता है।