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आईएएस अधिकारी ने लगाई फटकार, अब बनेगी गांधी सेतु की सड़क

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राजधानी की वीवीआईपी सड़कों में शुमार जो गांधी सेतु की सड़क नगर निगम व पीडब्ल्यूडी के विवाद में महीनों से टूटी पड़ी थी, उसे बनाने का फैसला एक सीनियर ब्यूरोक्रेट की फटकार पर हो गया है।
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सारी बाधाएं दूर हो गई हैं और ये सड़क अब एलडीए बनाएगा। वीसी अभिषेक प्रकाश के निर्देश पर अभियंत्रण जोन लागत का आकलन कर रहा है। अवस्थापना निधि से यह काम कराएगा। हालांकि शहर की बाकी 170 टूटीं मुख्य सड़कें अभी विवाद में फंसी हैं।
शासन के स्तर से तो राजधानी की सड़कों को 15 नवंबर तक गड्ढामुक्त करने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद ज्यादातर मुख्य सड़कों के गड्ढे तक नहीं भर पाए।
पीडब्ल्यूडी व नगर निगम के बीच हस्तांतरण विवाद में सड़कें फंसी रहीं। नगर निगम ने कहा कि सड़कें हस्तांतरित होने के आदेश हो गए हैं, इसलिए पीडब्ल्यूडी बनाएगा।
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वहीं, पीडब्ल्यूडी ने यह कहकर पल्ला झाड़ लिया कि बिना बजट प्राविधान के सड़कें कैसे बनाए। गांधी सेतु की सड़क के एलडीए से हैंडओवर को लेकर दोनों विभाग तैयार नहीं हैं।
इसकी वजह यह है कि एक तरफ की एप्रोच रोड पीडब्ल्यूडी की तो दूसरी तरफ की नगर निगम की है। एलडीए के मुख्य अभियंता इंदुशेखर सिंह का कहना है कि पुल के ऊपर की सड़क की हालत बहुत खराब है। कई जगह ज्वॉइंट पर असर पड़ रहा है तो कई जगह टॉप लेयर उधड़ गई है। अब जल्द यह काम करा दिया जाएगा।
गांधी सेतु से गुजरते हैं कई नेता व ब्यूरोक्रेट
1090 चौराहे से अंबेडकर पार्क को जोड़ने वाला गांधी सेतु वीवीआईपी पुल माना जाता है। यहां से विपुलखंड, विकासखंड, विशालखंड जाने के लिए कई ब्यूरोक्रेट व राजनेता गुजरते हैं। अमर उजाला ने भी कई बार इस सड़क की बदहाली को उठाया, लेकिन अधिकारी आश्वासन देते रहे। इधर, विपुलखंड में रहने वाली एक सीनियर ब्यूरोक्रेट का एलडीए अधिकारियों को फोन आने के बाद अब इसे बनवाने का काम शुरू किया जा रहा है। एलडीए अभी अस्थायी व्यवस्था में सड़क की टॉप लेयर बना देगा।
नगर विकास मंत्री व महापौर का आश्वासन भी अधूरा
टूटी सड़कों को बनवाने का आश्वासन नगर विकास मंत्री से लेकर महापौर तक ने दे रखा है। सीएम व उप मुख्यमंत्री के निर्देश पर हस्तांतरण की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन यह कब पूरी होगी? तब तक सड़कों का रखरखाव कैसे होगा? इन सवालों का जवाब किसी के पास नहीं। वहीं, गोमतीनगर की कुछ सड़कों को लेकर हाईकोर्ट ने नाराजगी दिखाई तो एलडीए ने इन्हें क्षेत्रीय अवस्थापना निधि में बनवाना शुरू कर दिया। बाकी जानकीपुरम विस्तार की सड़कें भी एलडीए को बनवानी हैं, लेकिन उनके बारे में एलडीए भी सिर्फ आश्वासन दे रहा है।
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