कोरोना संक्रमण भले ही कम हो गया और काफी यूनिवर्सिटी व कॉलेज में क्लास रूम टीचिंग भी शुरू हो गई, लेकिन कुछ शिक्षण संस्थान ऐसे भी हैं जहां साल बीतने को है, लेकिन अभी क्लासरूम के ताले नहीं खुले हैं। ऐसा तब है जबकि फरवरी-मार्च में परीक्षाएं होनी हैं और स्टूडेंट्स परेशान हैं।
बीबीएयू में अभी तक क्लास रूम टीचिंग नहीं शुरू हो सकी। इसी तरह इंजीनियरिंग संस्थान आईईटी में भी अभी तक क्लास रूम पढ़ाई नहीं शुरू हुई। वहीं एकेटीयू खुद दो बार अपने संबद्ध संस्थानों को ऑनलाइन के साथ-साथ ऑफलाइन टीचिंग की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित चुका है, लेकिन यहां के अधिकारियों को उस आदेश की जानकारी ही नहीं है।
वहीं इन संस्थान के स्टूडेंट्स खासकर प्रैक्टिकल विषय वाले छात्रों का कहना है कि ऑनलाइन क्लास के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। परीक्षा भी होने वाली है। अगर प्रैक्टिकल की जानकारी न हुई तो वे आगे जाकर क्या करेंगे? वहीं बीबीएयू में पीजी-पीएचडी, एमफिल के स्टूडेंट्स को मजबूरी में कमरा लेकर रहना पड़ रहा है। इससे छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है। ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती भाषा यूनिवर्सिटी में भी क्लास रूम टीचिंग तो हो रही है लेकिन अभी तक हॉस्टल अलॉटमेंट नहीं हुआ है।
डीन व हेड से मांगे गए हैं सुझाव
यूनिवर्सिटी खोलने के लिए डीन व हेड से सुझाव मांगे गए हैं। पीएचडी-एमफिल स्टूडेंट्स को जल्द हॉस्टल अलॉट करेंगे। उसके बाद एमएससी स्टूडेंट्स को। बीटेक की प्रैक्टिकल विषयों में सॉफ्टवेयर के माध्यम से प्रैक्टिकल कराए जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण से ही विवि नहीं खोल सके हैं।
- डॉ. रचना गंगवार, प्रवक्ता, बीबीएयू
जल्द लिया जाएगा फैसला
क्लास रूम टीचिंग के लिए शासन के स्पष्ट निर्देश का इंतजार कर रहे हैं। विवि के निर्देश की जानकारी नहीं है। क्लास रूम टीचिंग में नहीं हॉस्टल संचालन में दिक्कत है। इसके लिए सरकारी संस्थानों के साथ चर्चा कर जल्द निर्णय लिया जाएगा। अभी कोई सरकारी संस्थान नहीं खुले हैं।
- प्रो. एचके पालीवाल, निदेशक, आईईटी