लखनऊ। सरोजनीनगर तहसील में आवंटियों की रकम दबाने वाले बिल्डरों को बचाने का खेल चल रहा है। इसका खुलासा सोमवार को तब हुआ जब डीएम विशाख जी अय्यर तहसील का निरीक्षण करने पहुंचे। उन्होंने बकायेदारों की सूची मांगी तो तहसीलदार आकृति श्रीवास्तव व वसील बाकी नवीस (डब्ल्यूबीएन) उपलब्ध नहीं करवा सके। डीएम ने दोनों से स्पष्टीकरण मांगा है।
इससे पहले तहसीलदार और डब्ल्यूबीएन ने बताया कि अपडेट सूची उपलब्ध नहीं है। इस पर डीएम ने फटकार लगाते हुए कहा कि जब सूची तैयार नहीं है तो वसूली कैसे संभव होगी। सूत्रों के मुताबिक बिल्डरों व अन्य बकायदारों को बचाने के लिए ऐसा लंबे समया से किया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जल्द से जल्द अपडेट सूची बनाएं और वसूली शुरू कराएं। उन्होंने परिसर की कैंटीन, खतौनी रूम और हवालात का भी निरीक्षण किया। पता चला कि कैंटीन और फोटोकॉपी की दुकान खाली है। डीएम ने कहा, दुकानों को पीओ डूडा से समन्वय करते हुए स्वयं सहायता समूह को नीलामी के जरिये आवंटित करें।