निजी मेडिकल कॉलेजों की होगी निगरानी
चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय निजी मेडिकल कॉलेजों की लगातार निगरानी करेगा। ग्लोकल मेडिकल कॉलेज और जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के एमबीबीएस छात्र-छात्राओं की स्थिति को देखते हुए ये फैसला लिया गया है। इसके लिए छात्र-छात्राओं से भी फीड बैक लिया जाएगा। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि शासन से शुल्क निर्धारित होने के बावजूद अभ्यर्थियों से मनमानी वसूली करने वाले निजी मेडिकल कॉलेजों पर छात्र-छात्राओं की शिकायत के बाद ही कार्रवाई की गई थी। चिकित्सा शिक्षा महानिदेशालय ने लखनऊ, बाराबंकी, बरेली, ग्रेटर नोएडा, मेरठ, हापुड़, मुजफ्फरनगर, मुरादाबाद, कानपुर, आगरा, वाराणसी, सीतापुर, मथुरा, उन्नाव, अमरोहा, शाहजहांपुर और सहारनपुर जिलों के डीएम को पत्र लिखकर उनके जिलों में स्थित निजी क्षेत्र के मेडिकल कॉलेजों की अवैध वसूली की जांच के लिए पत्र लिखा था। इन कॉलेजों को नियमानुसार वर्षवार शुल्क लेना था लेकिन उन्होंने छात्रों से अग्रिम शुल्क और बैंक गारंटी की मांग की थी। इस मामले की सूचना मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को भी दी गई है।
काउंसलिंग में देना होगा शपथ पत्र
ग्लोकल मेडिकल कॉलेज और जीसीआरजी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के 2016 बैच के एमबीबीएस छात्र-छात्राओं को अन्य मेडिकल कॉलेजों में समायोजन के लिए होने वाली काउंसलिंग में 10 रुपये का शपथ पत्र देना होगा। इस शपथ पत्र में नीट यूजी 2016 की परीक्षा में उत्तीर्ण होने, नीट अनुक्रमांक, ऑल इंडिया रैंक, काउंसलिंग में आवंटित मेडिकल कॉलेज और प्रथम या द्वितीय प्रोफेशनल उत्तीर्ण होने की जानकारी देनी होगी। ये शपथ पत्र छात्र-छात्राओं को काउंसलिंग के समय पेश करना होगा। महानिदेशक चिकित्सा शिक्षा के अनुसार काउंसलिंग से संबंधित जानकारी डीजीएमई की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।