फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊः सैंपलिंग में बाधा डालने पर कंचन स्वीट्स पर मुकदमा, मालिक ने एफएसओ पर लगाए ये आरोप

Wed, 09 Oct 2019 02:50 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

त्यौहार पर मिलावटी खाद्य सामग्री की धरपकड़ के अभियान में रविवार को लखनऊ के इंदिरा नगर के कंचन स्वीट्स पर हुई कार्रवाई में नया मोड़ आ गया है। कार्रवाई के बाद कंचन स्वीट्स से लैब जांच को तीन नमूना भेजे जाने की बात कहने वाले खाद्य एफएसडीए के अधिकारियों ने अब सैंपलिंग के दौरान काम काज में बाधा डालने की बात कही है।

विज्ञापन


अधिकारियों ने गंदगी में रखे बेसन का नमूना लेने से रोकने व राजभोग का लैब जांच को सील नमूना छीन कर नष्ट करने का आरोप लगाते हुए कंचन स्वीट्स के संचालक गुंजन तुलानी सहित पांच अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ गाजीपुर पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

इंदिरा नगर के नीलगिरि कॉम्प्लेक्स संचालित कंचन स्वीट्स में बीते रविवार को एफएसओ नृमता पांडेय की अगुवाई में एफएसडीए की चार सदस्यीय टीम जांच को पहुंची थी। एफएसओ पांडेय का आरोप है कि जांच टीम को देखते ही दुकान पर मौजूद संचालक गुंजन तुलानी ने कार्रवाई का विरोध किया।

विज्ञापन

लगाया पैसा मांगने का आरोप

इस बीच टीम बेसन का नमूना लेने लगी। दुकान संचालक ने कार्रवाई के दौरान पैसा मांगने का आरोप लगाते हुए टीम को प्रतिष्ठान परिसर से बाहर कर सरकारी कार्य में बाधा डालना शुरू कर दिया। उन्होंने इसकी जानकारी तत्काल एफएसडीए के आला अफसरों को दी।

उनके हस्तक्षेप के बाद दुकान संचालक दुकान से लिए राजभोग, खोवा व परवल खोवा मिठाई का नमूना लैब जांच को देने के लिए तैयार हो गया। उक्त तीनों नमूनों को डिब्बे में लेकर जब टीम लिखा पढ़ी कर रही थी तभी राजभोग का नमूना डिब्बे से जबरन हटा दिया गया।

इसके बाद टीम ने देर रात 11 बजे करीब दुकान से लैब जांच के लिए दो नमूना सीज करने की कार्रवाई पूरी की। इसके बाद टीम के साथ एफएसओ न्रमत पांडेय देर रात 11-45 बजे गाजीपुर थाने पहुंची और कंचन स्वीट्स के संचालक गुंजन तुलानी सहित पांच अन्य अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया।
 
विज्ञापन

दर्ज कराया मुकदमा

कंचन स्वीट्स के मालिक नरेंद्र तुलानी ने एफएसडीए की अधिकारी नम्रता पांडेय पर निजी दुश्मनी निकालने के लिए मुकदमा दर्ज कराने का आरोप लगाया। कहा कि जब छापा डाला गया, उस समय चार अधिकारियों की टीम थी। वहां किसी भी अधिकारी को नमूना लेने के दौरान न तो रोका गया और न उनके काम में बाधा डाली गई।

एफएसओ नम्रता पांडेय ने नमूना लेने के बाद उसकी रिसीविंग नहीं दी। जबकि तीन अन्य अधिकारियों ने एक-एक सामान की रिसीविंग दी थी। दुकान में साफ-सफाई का पूरा इंतजाम था। जांच में अधिकारियों को कुछ नहीं मिला था। वहां एफएसओ नम्रता पांडेय ने पुलिस को कॉल कर बुलाया था।

पुलिस भी वहां काफी देर तक रही। इसके बाद पुलिस वापस चली गई। नरेंद्र तुलानी ने बताया कि पूरी जांच की सीसीटीवी फुटेज उनके पास उपलब्ध है। निजी दुश्मनी के कारण नम्रता पांडेय ने छापा डालने के काफी देर बाद रात को उनके भाई गुंजन तुलानी के खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया।
 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें