फर्नीचर की दुकान की आड़ में जूस, सूप, सॉस सहित 17 घटिया उत्पादों की आपूर्ति करने वाली कंपनी का भंडाफोड़ एफएसडीए की टीम ने शुक्रवार को किया। यहां एक्सपायरी डेट बदलकर जूस बेचने का मामला सामने आया है। इसके बाद 12 लाख रुपये का पैक्ड जूस जब्त किया गया।
एफएसडीए ने लखनऊ के रिंगरोड स्थित टेढ़ीपुलिया चौराहे पर हिमालयन एंटरप्राइजेज पर कार्रवाई की। यहां बिना लाइसेंस और पंजीकरण के कंपनी खाद्य पदार्थों की पैकिंग कर रही थी। अधिकारियों ने कहा लोगों की सेहत से खिलवाड़ कर रही कंपनी के गोदाम को सीज किया जा रहा है।
कंपनी के लोग बिना लाइसेंस के जहां करोड़ों का कारोबार कर रहे थे तो लोगों की जान भी जोखिम में डाली जा रही थी। बताया कि एक्सपायरी डेट छिपाने को बैच नंबर और रैपर ही बदल दिया जा रहा था। पुरानी खाद्य सामग्री ही रैपर और बैच नंबर बदलकर बेची जा रही थी।
शिमला में कंपनी का कारखाना
एफएसडीए का छापा
- फोटो : अमर उजाला
रेलवे को सप्लाई हो रहा था माल
जांच में सामने आया कि यहां से 17 खाद्य पदार्थ की रेल विभाग को सप्लाई की जा रही थी। वहीं, यूपी के भी अलग-अलग भागों में आपूर्ति किए जाने की जानकारी सामने आई है। एफएसडीए ने यहां से लिए नौ नमूने जांच को भेजे हैं।
आगे की कार्रवाई अब एफएसडीए जांच रिपोर्ट आने के बाद करेगी। शनिवार की जांच पूरी न हो पाने से टीम रविवार सुबह से ही कार्रवाई करेगी। पूरे मामले की जांच में कम से कम दो दिन लगेंगे। इसमें और नमूने लिए जाएंगे।
16 सदस्यीय टीम ने की पांच घंटे कार्रवाई
हिमालयन एंटरप्राइजेज के कारनामे का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि एफएसडीए को छानबीन में पूरी ताकत लगानी पड़ गई। 16 सदस्यीय टीम ने करीब पांच घंटे तक फैक्ट्री में छापा मारकर जांच की। कार्रवाई क्राइम ब्रांच की सूचना पर की गई। यहां जूस के करीब 2700 गत्ते सीज किए गए हैं।
एफएसडीए के अभिहित अधिकारी एसएसएच आबिदी व मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुरेश कुमार मिश्र ने बताया कि कंपनी के शिमला के कारखाने से पूरी सप्लाई की जाती है। प्रवीण राजधानी समेत पूरे प्रदेश में जूस समेत अन्य खाद्य सामग्री की सप्लाई करता है।
प्रवीण ने गोदाम के आगे फर्नीचर का शोरूम खोल रखा था। इसी की आड़ में जहरीले खाद्य पदार्थ का धंधा कर रहे थे। छापेमारी में टीम को रैपर, स्टांप भी मौके से मिले हैं। इनसे ही एक्सपायरी जूस की तारीख व बैच नंबर बदलकर बाजार में खराब खाद्य सामग्री बेची जा रही थी।