जांच के दौरान मकान में रहने वाले इमरान को हिरासत में ले लिया गया। मकान के अंदर एक गोदामनुमा कमरे में बड़ी मात्रा में दवाएं मिलीं। ये कई नामचीन कंपनियों की दवाएं हैं।
इसमें विटामिन्स के टैबलेट, बुखार, लिवर, गैस, दर्द निवारक जैसी दवाएं हैं। इनकी कीमत करीब तीन लाख से अधिक है। इसमें ज्यादातर अलग-अलग कंपनियों की ओर से फिजीशियन को दिए जाने वाले सैंपल हैं।
इंस्पेक्टर बृजेश कुमार ने बताया कि दवाओं का विवरण तैयार किया जा रहा है। स्पेशल कोर्ट से अनुमति लेने के बाद आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। पकड़े गए व्यक्ति के पास दवा आपूर्ति का लाइसेंस नहीं है।
मलिहाबाद प्रतिनिधि के अनुसार जानकारी में आया है कि आरोपी एक निजी अस्पताल में कंपाउंडर है। साथ ही मेडिकल स्टोरों दवाईयां सप्लाई करने का काम करता था। ड्रग इंस्पेक्टर बृजेश कुमार ने बताया कि बरामद तीन लाख की दवाओं में 90 फीसदी फिजीशियन सैंपल हैं।