बृहस्पतिवार सुबह से शाम तक हुई रिमझिम बारिश ने राजधानी की सब्जी और फल मंडियों की रौनक फीकी कर दी। सीतापुर रोड स्थित नवीन मंडी में ट्रकों और पिकअप से माल तो भरपूर पहुंचा, लेकिन खरीदारों की कमी ने कारोबारियों और किसानों के चेहरों की चमक उतार दी।
आढ़ती सलीम पपीते से भरे ट्रक को तिरपाल से ढककर फुटकर व्यापारियों को बेचते नजर आए। बोले- बाहर से जो भी माल एक-दो दिन पहले चला था वह मंडी तक आ गया, लेकिन बारिश में खरीदार कम मिले। पिकअप में भरे कच्चे केले को रमेश बारिश से बचाने के लिए तिरपाल ढकते नजर आए। बोले- केले भीग गए तो खरीदार अच्छा दाम नहीं देंगे। परवल लौकी लेकर मंडी पहुंचे सिधौली के किसान राजेश शुक्ला और धनिया, लौकी, बींस लेकर मंडी पहुंचे मिश्रिख के तेजपाल ने बताया कि वे रात ही पहुंच मंडी गए थे। बारिश के कारण आसपास के फुटकर व्यापारी कम पहुंचे। मजबूरी में सभी सब्जियां दो से चार रुपये कम दर पर बेचनी पड़ीं। जो माल बच गया उसे आढ़त पर ही रखना पड़ा।
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बारिश के कारण मंडी समिति में करीब 30 फीसदी दुकानदार कम आए। ऐसे में किसानों और माल लेकर पहुंचे व्यापारियों को शिमला मिर्च, धनिया, आलू, प्याज और टमाटर सभी थोड़े कम दाम पर बेचने पड़े। इसके बाद भी कई किसानों का माल बच गया।
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रिंकू सोनकर,
अध्यक्ष सब्जी मंडी यूनियन
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सेब कश्मीर से, किन्नू पंजाब से, अमरूद व केला लोकल आ रहा है। सभी प्रचुर मात्रा में मंडी में हैं। बारिश के कारण बृहस्पतिवार को कम व्यापारी खरीदारी के लिए पहुंचे। इस कारण 50 से 100 रुपये प्रति पेटी कम पर माल बेचना पड़ा। बिक्री अन्य दिनों की तुलना में करीब 60 फीसदी तक घट गई।
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प्रेम कुमार कंधारी,
अध्यक्ष फल मंडी नवीन मंडी
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आवक पर बारिश का असर नहीं पड़ा है, लेकिन बिक्री में जरूर कमी आई है। मंडी में गंदगी, कीचड़ की समस्या का समाधान भी करने के निर्देश कर्मचारियों को दिए गए हैं।
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सुभाष सिंह,
सचिव मंडी समिति
बारिश के बाद सब्जी मंडी के हालात। - फोटो : संवाद
बारिश के बाद सब्जी मंडी के हालात। - फोटो : संवाद
बारिश के बाद सब्जी मंडी के हालात। - फोटो : संवाद
बारिश के बाद सब्जी मंडी के हालात। - फोटो : संवाद
बारिश के बाद सब्जी मंडी के हालात। - फोटो : संवाद