मोबिन के मुताबिक, कुछ देर बाद फिर उसी नंबर से फोन आया और दोबारा से पांच लाख रुपये की मांग की गई। मोबिन ने बिना कुछ सोचे-समझे दोबारा पांच लाख रुपये खाते में ट्रांसफर कर दिए। इस दौरान जालसाज ने मोबिन से उनके बैंक खाते का विवरण लेकर शाम तक सारे रुपये वापस करने की बात कही। लेकिन, कुछ ही देर बाद आरोपी ने मोबिन को फिर से फोन किया और 10 लाख की मांग की। लगातार रुपयों की मांग होने पर ठेकेदार को शक हो गया।
एक्सईएन को भी उसी नंबर से कॉल किया था
रुपये ठगे जाने की बात मोबिन ने एक्सईएन एके सिंह को बताई। तो वह चौंक गये। एके सिंह ने मोबिन को बताया कि जालसाज ने उसी नंबर से उन्हें कॉल किया था। उसने खुद को चेयरमैन आलोक कुमार बताते हुए पहले उन्हें धमकाया था फिर क्षेत्र के ठेकेदार का मोबाइल नंबर मांगा था। एके सिंह ने बताया कि जालसाज को चेयरमैन का समझकर उन्होंने मोबिन का नंबर उसे दे दिया।