लखनऊ। राजधानी स्थित बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान (बीएसआईपी) के युवा शोधार्थी अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी प्रतिभा का परचम लहरा रहे हैं। संस्थान की शोधार्थी स्नेहा संतोष को प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार के लिए चुना गया है, जिसके लिए वह सितंबर में बीजिंग जा रही हैं। वहीं शोधार्थी सूरज कुमार साहू ने अमेरिका के प्रतिष्ठित समर स्कूल में भारत का प्रतिनिधित्व कर संस्थान का गौरव बढ़ाया है। बीएसआईपी के निदेशक प्रो. महेश जी. ठक्कर ने दोनों शोधार्थियों को बधाई दी है।
बीएसआईपी की डीएसटी-इंस्पायर जूनियर रिसर्च फेलो स्नेहा संतोष का चयन द सोसाइटी फॉर ऑर्गेनिक पेट्रोलॉजी की ओर से दिए जाने वाले प्रतिष्ठित 'कॉलिन वार्ड इमर्जिंग स्टूडेंट रिसर्चर अवार्ड-2026' के लिए हुआ है। इस पुरस्कार के तहत उन्हें 700 अमेरिकी डॉलर की अनुदान राशि मिलेगी, जिससे वह सितंबर में बीजिंग, चीन में आयोजित संस्था की 42वीं वार्षिक बैठक में हिस्सा लेंगी। स्नेहा का शोध प्राचीन काल में हुई वनाग्नि घटनाओं और उनके जलवायु व पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव को समझने पर केंद्रित है।
बीएसआईपी के गोंडवाना पुरावनस्पति विज्ञान विभाग के शोधार्थी सूरज कुमार साहू ने अमेरिका के पेनसिल्वेनिया स्थित हैवरफोर्ड कॉलेज में आयोजित 'सेल्स टू इकोसिस्टम समर स्कूल-2026' में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। अमेरिकी राष्ट्रीय विज्ञान फाउंडेशन ने उनके प्रशिक्षण का पूरा खर्च वहन किया, जबकि द पैलियॉन्टोलॉजिकल सोसाइटी ने यात्रा के लिए 1,700 अमेरिकी डॉलर का अनुदान दिया। उन्हें सितंबर 2026 में आयोजित होने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में शोध प्रस्तुति के लिए 2,000 अमेरिकी डॉलर का यात्रा अनुदान भी मिला है।
स्नेहा संतोष