थैलीसीमिया, ब्लड कैंसर, किडनी, लीवर की गंभीर बीमारियों के टेस्ट अब सरकारी अस्पतालों में नि:शुल्क होंगे। ऐसे 25 महत्वपूर्ण टेस्ट हैं, जिनके सैंपल सिविल, बलरामपुर सहित लखनऊ के सात सरकारी अस्पतालों में लिए जाएंगे और लोहिया संस्थान की लैब में भेजे जाएंगे।
प्राइवेट डायग्नोस्टिक सेंटर में गंभीर बीमारियों के टेस्ट पर जहां आम मरीजों को मोटी रकम खर्च करनी पड़ती थी। वहीं अब सरकारी अस्पतालों में ऐसी सभी जांचें मुफ्त होंगी।
अब तक उत्तर प्रदेश हेल्थ सिस्टम स्ट्रेंथनिंग परियोजना के तहत ऐसी गंभीर बीमारियों की जांचे मुफ्त नहीं होती थीं। राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में पैथोलॉजी विभाग के हेड प्रो. नुजहत हुसैन ने बताया कि डेंगू, चिकुनगुनिया, प्लेटलेट्स काउंट, कल्चर, हार्ट अटैक, ब्लड कैंसर, किडनी, लीवर, विटामिन डी-3, थैलीसीमिया, प्री ऑपरेटिव टेस्ट, स्पॉडिलिटिस सहित करीब 25 प्रकार की जांचे सात सरकारी अस्पतालों में मुफ्त होंगी।
सरकारी अस्पतालों में ऐसी गरीब मरीजों की भरमार है, जो महंगी जांचों के लिए निजी डायग्नोस्टिक केंद्रों पर एड़ियां रगड़ते थे। इस फैसले से ऐसे मरीजों को राहत मिलेगी।
यहां दे सकेंगे सैंपल
बलरामपुर अस्पताल, सिविल अस्पताल, लोकबंधु राजनारायण संयुक्त अस्पताल, वीरांगना झलकारी बाई अस्पताल, अवंती बाई अस्पताल, रानी लक्ष्मी बाई अस्पताल, डॉ. राम मनोहर लोहिया चिकित्सालय शामिल हैं। जबकि प्रदेशभर में 51 सरकारी अस्पतालों में ऐसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के सैंपल लिए जाएंगे, जिसे लोहिया इंस्टीट्यूट भेजा जाएगा, जिसे नोडल सेंटर बनाया गया है।