परिवहन निगम कर्मचारियों का सिंडिकेट रुपये ऐंठ करके सगे-संबंधियों आदि के बस में मुफ्त सफर कराने के लिए फर्जी तरीके से पास बना रहे हैं। इसका खुलासा बुधवार को बहराइच रूट पर चेकिंग के दौरान हुआ। चेकिंग टीम ने जिस यात्री से ये फर्जी पास जब्त किया, वह खुद को समीक्षा अधिकारी होने का रौब गांठ रहा था।
अयोध्या के कर्मचारी नेता राजेंद्र प्रसाद पांडेय ने बताया कि सहायक यातायात निरीक्षक बीडी यादव टीम के साथ अयोध्या से बहराइच जा रही बस की चेकिंग कर रहे थे। जांच में लखनऊ क्षेत्रीय प्रबंधक के नाम से एक अप्रैल 2022 को पास जारी किया गया फर्जी पास मिला।
यह फर्जी पास में परिवहन अनुभाग तीन सचिवालय में तैनात समीक्षा अधिकारी उमेश कुमार श्रीवास्तव के नाम से जारी किया गया था। इसकी वैधता एक अप्रैल से 30 जून तक है। ये बस अयोध्या से बहराइच जा रही थी। चेकिंग दल ने यात्रा अधिकार पत्र की जांच की। तो उस पर लखनऊ के क्षेत्रीय प्रबंधक की मुहर व हस्ताक्षर दर्ज थी।
पांडेय ने बताया कि इससे पहले भी कई फर्जी पास जब्त किए जा चुके हैं। उधर, लखनऊ के क्षेत्रीय प्रबंधक पीके बोस ने बताया कि पूर प्रकरण की जांच कराई जा रही है। मामला फर्जी पाए जाने पर पुलिस में एफआईआर दर्ज कराएंगे।