लखनऊ। हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने शहर के संरक्षित स्मारकों की हिफाजत व अतिक्रमण मुक्त करने के मामले में जिला प्रशासन समेत स्थानीय प्राधिकारियों को आदेश दिया कि हुसैनाबाद स्थित छोटा इमामबाड़ा के प्रवेश द्वारों को अतिक्रमणकर्ताओं से मुक्त कराएं। साथ ही कोर्ट ने साथ ही पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग (एएसआई) को छोटा इमामबाड़ा की मरम्मत कार्य का अनुमानित ब्योरा भी दो सप्ताह में पेश करने का आदेश दिया।
मुख्य न्यायमूर्ति ए आर मसूदी और न्यायमूर्ति सुभाष विद्यार्थी की खंडपीठ ने यह आदेश सैयद मोहम्मद हैदर रिजवी की याचिका पर दिया। पहले, कोर्ट ने मामले में राज्य सरकार व नगर निगम लखनऊ को शहर के संरक्षित स्मारकों की हिफाजत व अतिक्रमण मुक्त करने का आदेश दिया था। साथ ही दोनों से पूछा था कि लखनऊ शहर व आसपास के संरक्षित स्मारकों की हिफाजत व अतिक्रमणमुक्त करने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं? कोर्ट ने इस मामले में 2013 में दाखिल जनहित याचिका पर राज्य सरकार व नगर निगम से जवाबी हलफनामा भी मांगा था। याचिका में संरक्षित स्मारकों की सुरक्षा समेत इन्हें अतिक्रमण से बचाने का आग्रह किया गया है। सुनवाई के दौरान एएसआई के वकील ने कोर्ट को बताया कि छोटा इमामबाड़ा समेत संरक्षित स्मारकों की मरम्मत का काम प्रगति पर है। ऐसे में संरक्षित स्मारकों का रखरखाव न किए जाने की याची की आशंका निराधार है। हालांकि वकील ने माना कि छोटा इमामबाड़ा के कुछ हिस्सों पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है। इसमें पश्चिमी गेट और कुछ दीवारों की मरम्मत किए जाने की आवश्यकता बताई। कहा कि इन्हें जब तक पूरी तरह रिपेयर नहीं किया जाता तब तक इनके ढहने की स्थित में जनहानि हो सकती है। कोर्ट ने कहा ऐसे में यह मामला एएसआई समेत संबंधित ट्रस्ट के तत्काल गौर करने लायक है। कोर्ट ने एएसआई के वकील को इमामबाड़ा के पश्चिमी गेट और दीवारों की मरम्मत कार्य का अनुमानित खर्च का ब्योरा दो सप्ताह में पेश करने का आदेश दिया। जिससे अगली सुनवाई पर आदेश दिया जा सके। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 जनवरी को नियत कर जिला प्रशासन समेत स्थानीय प्राधिकारियों को आदेश दिया कि हुसैनाबाद स्थित छोटा इमामबाड़ा के प्रवेश द्वारों को अतिक्रमणकर्ताओं से मुक्त कराएं।
स्थाई समाधान के लिए बना रहे वेंडिंग जोन
नगर निगम के जोनल अफसर मनोज यादव का कहना है कि छोटा इमामबाड़ा के आसपास लगातार दो महीने से अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया जा रहा है। इसकी सूचना भी पुलिस को दी जाती है। स्थाई हल के लिए अतिक्रमण हटाकर दुकानदारों को व्यवस्थित करने के लिए वेंडिंग जोन भी बनाया जा रहा है। 10 दुकानें विस्थापित भी की गई हैं। जो पक्का या स्थाई अतिक्रमण है उसको जिला प्रशासन और हुसैनाबाद ट्रस्ट हटवाएगा। उनकी ओर से जो सहयोग मांगा जाएगा, नगर निगम देगा।