चिनहट ब्लॉक सभागर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं और वक्ता।
लखनऊ। बेटियों के साथ यौन अपराध होने पर अभिभावकों को समाज क्या कहेगा इसकी चिंता नहीं करनी चाहिए, बल्कि बेटियों की ताकत बनकर आरोपी के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए। अपराध को छुपाना भी अपराधियों को बढ़ावा देना है। आए दिन बच्चियों से दुष्कर्म के मामले देखने को मिलते हैं। ऐसे में उन्हें गुड टच, बैड टच व अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां देनी चाहिए। ये बातें सोमवार को अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में कही गईं। कार्यक्रम का आयोजन महिला कल्याण विभाग के सहयोग से चिनहट विकासखंड सभागार में हुआ।
जेंडर स्पेशलिस्ट वंदना द्विवेदी, चिनहट वन स्टॉप सेंटर प्रभारी शुभांगी और मनोसामाजिक परामर्शदाता आयुषी तिवारी ने पॉक्सो एक्ट व बाल अधिकारों की जानकारी दी। कहा कि बेटियों के खिलाफ होने वाले अपराधों को रोकने के लिए सबसे पहली कड़ी परिवार है। उन्हें बच्चों के साथ ऐसा दोस्ताना व्यवहार रखना चाहिए कि वह हर बात साझा कर सके। अगर बच्चा किसी के व्यवहार को लेकर असहज है या शिकायत करता है, तो नजरअंदाज न करें। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी जिया श्याम और समाज कल्याण विभाग की सहायक विकास अधिकारी आभा सिंह ने भी महत्वपूर्ण जानकारियां दीं।
-बाल विवाह के प्रति भी किया जागरूक
वक्ताओं ने बाल विवाह के प्रति भी जागरूक किया। कहा कि कम उम्र में बच्चों की शादी उनके सुनहरे भविष्य और स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। वक्ताओं ने कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिलने पर तुरंत 1098 या 112 पर शिकायत करने की अपील की। कहा कि शिकायत करने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
चिनहट ब्लॉक सभागर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं और वक्ता।
चिनहट ब्लॉक सभागर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं और वक्ता।
चिनहट ब्लॉक सभागर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं और वक्ता।
चिनहट ब्लॉक सभागर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं और वक्ता।
चिनहट ब्लॉक सभागर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं और वक्ता।
चिनहट ब्लॉक सभागर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं और वक्ता।
चिनहट ब्लॉक सभागर में आयोजित अपराजिता कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं और वक्ता।