अब क्वीन मेरी में प्रसव सेवा का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। हॉस्पिटल बोर्ड की बैठक में ये निर्णय लिया गया है। नेशनल हेल्थ मिशन के तहत ये सेवाएं दी जाएगी।
इसमें गर्भवती महिलाओं की जांचों, प्रसव, दवाइयों व जच्चा-बच्चा टीकाकरण की सुविधा भी शामिल है। इसके लिए सीएमओ को पत्र लिखा जाएगा।
इसके अलावा केजीएमयू कुलपति ने प्रदेश के सभी जिलों के सीएमओ को पत्र लिखकर पहले केजीएमयू में बेड की उपलब्धता को पता लगाकर ही मरीजों को रेफर करने का अनुरोध किया है। ओपीडी के यहां अत्याधुनिक लांड्री की व्यवस्था भी की जाएगी।
वहीं किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू) की पैथोलॉजी को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार उच्चीकृत किया जाएगा। इसके बाद नेशनल एक्रिडिएशन बोर्ड ऑफ टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लेबोरेट्रीज (एनएबीटीसीएल) की मान्यता के लिए आवेदन किया जाएगा।
इसके लिए बुधवार को आयोजित हॉस्पिटल बोर्ड ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन की बैठक में एक कमेटी का गठन किया गया है। ये कमेटी एनएबीटीसीएल के लिए जरूरी मानकों को पूरा करने के लिए प्रस्ताव तैयार करेगी।
इस कवायद में केजीएमयू में पैथोलॉजी और रेडियोलॉजी जांचें 10 फीसदी तक बढ़ाने की योजना है।