छात्रवृत्ति व शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में गड़बड़ करने पर नियमावली में दोषियों के खिलाफ एफआईआर कराने का प्रावधान किया गया है। यह एफआईआर विद्यार्थी, प्रधानाचार्य और प्रबंधन के खिलाफ होगी। वहीं नौ प्रतिशत ब्याज के साथ गलत ढंग से ली गई धनराशि लौटानी होगी। इतना ही नहीं, 75 फीसदी से कम उपस्थिति होने पर छात्र या संस्था को ली गई राशि वापस करनी होगी। इसी तरह से बिना कोर्स पूरा किए अगले वर्ष अध्ययन छोड़ने पर भी धनराशि वापस करनी होगी।
50 फीसदी से कम विद्यार्थियों के नवीनीकरण पर देना होगा जवाब
50 प्रतिशत से कम विद्यार्थियों के नवीनीकरण न कराने पर संस्थान को इसके वैध कारण बताने होंगे। इसमें बाढ़, सूखा, अनदेखी घटनाएं और कानून-व्यवस्था आदि शामिल हैं।
विद्यार्थियों को आवेदन करने से लेकर खातों में राशि भेजने तक की जानकारी उनके मोबाइल नंबर पर एमएमएस के जरिए दी जाएगी। इसके अलावा कक्षा-11 व 12 में शैक्षिणक सत्र 1 अप्रैल से 31 मार्च तक और उससे ऊपर की कक्षाओं में 1 जुलाई से 30 जून तक माना जाएगा।
संशोधित समयसारिणी भी जारी
शासन ने दशमोत्तर छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना से संबंधित पाठ्यक्रमों का मास्टर डाटाबेस तैयार करने, सत्यापन और लॉक करने के लिए संशोधित समयसारिणी भी जारी कर दी है।