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महाठग का मायाजाल: पांच कंपनियों में शेरपुरिया डायरेक्टर, चार में उसकी पत्नी भी शामिल, करोड़ों इधर-उधर किए

Tue, 02 May 2023 01:11 PM IST
ishwar ashish सूरज शुक्ला, अमर उजाला, लखनऊ

सार

महाठग संजय शेरपुरिया ने पांच कंपनियां बनाई जिनके जरिए करोड़ों रुपये का लेन-देन किया गया। नए खुलासे के बाद पत्नी कंचन संजय प्रकाश राय भी जांच की जद में आ सकती हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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महाठग संजय शेरपुरिया की पांच कंपनियों के बारे में खुलासा हुआ है। पांचों कंपनियों में संजय प्रकाश बालेश्वर राय के नाम से वह डायरेक्टर है। इनमें से चार कंपनियों में उसके साथ उसकी पत्नी कंचन संजय प्रकाश राय भी डायरेक्टर के पद पर है। चार कंपनियां गुजरात, तो एक महाराष्ट्र में रजिस्टर कराई गई। इन कंपनियों के जरिये करोड़ों की रकम इधर से उधर की गई। बैंक कर्ज भी हड़पा गया। कंचन संजय प्रकाश राय कंपनियों में हिस्सेदार है, इसलिए वह भी जांच की जद में आ सकती है।

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एसटीएफ की नोएडा यूनिट ने कानपुर सेंट्रल स्टेशन से संजय राय उर्फ संजय शेरपुरिया को पकड़ा था। विभूतिखंड थाने में एफआईआर दर्ज करवाकर उसको कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेजा गया था। एफआईआर एसटीएफ के इंस्पेक्टर की तहरीर पर दर्ज की गई थी। इसमें कहा गया था कि संजय शेरपुरिया ने कई कंपनियां बनाकर बड़ा हेरफेर किया है। हालांकि, वह किसी कंपनी में सीधे किसी पद पर नहीं है। पर, अब सामने आया है कि संजय ही नहीं, उसकी पत्नी भी कंपनियों में प्रमुख पद पर है। ये कंपनियां 2005 से 2012 बीच के बीच रजिस्टर कराई गईं।

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पहली कंपनी: कांडला एनर्जी एंड केमिकल लिमिटेड कंपनी 7 मार्च 2005 को रजिस्टर कराई गई। इसमें दो निदेशक संजय प्रकाश बालेश्वर राय उर्फ संजय शेरपुरिया व उसकी पत्नी कंचन संजय प्रकाश राय हैं। इस कंपनी के जरिये केमिकल व रासायनिक उत्पाद बनाकर बेचे जाते थे।

दूसरी कंपनी: संजय ने दूसरी कंपनी कच्छ इंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड बनाई। इसका पंजीकरण 5 मई 2009 को कराया गया। इसमें संजय प्रकाश बालेश्वर राय उर्फ संजय शेरपुरिया व उसकी पत्नी कंचन संजय प्रकाश राय डायरेक्टर हैं।

तीसरी कंपनी: संजय की तीसरी कंपनी काशी फर्म फ्रेश प्राइवेट लिमिटेड है। यह कंपनी 28 सितंबर 2010 को रजिस्टर कराई गई। इसके जरिए फूड प्रोडक्ट बनाकर सप्लाई किए जाते थे। इसमें संजय व कंचन के अलावा दो अन्य डायरेक्टर सुनील धर्मदास व राजेश राय भी हैं।

चौथी कंपनी: संजय ने चौथी कंपनी 14 जून 2011 को कांडला एंटरप्राइज प्राइवेट लिमिटेड के नाम से रजिस्टर कराई गई। यह कंपनी महाराष्ट्र में बनाई गई। इसके जरिये क्रूड ऑयल व नेचुरल गैस संबंधी व्यापार किया जाता था। इस कंपनी में संजय राय के साथ प्रशांत खंडेलवाल डायरेक्टर हैं।

पांचवीं कंपनी: संजय ने पांचवीं कंपनी राय कॉरपोरेशन प्राइवेट लिमिटेड के नाम से 25 अप्रैल 2012 को रजिस्टर कराई। इसमें भी संजय व उसकी पत्नी कंचन राय डायरेक्टर हैं। यह वित्तीय मध्यस्थता से संबंधित फर्म है।

दर्जनों शेल कंपनियां बनाईं
यूथ रूरल एंटरप्रेन्योर फाउंडेशन के अलावा पांच ऐसी कंपनियों का ब्योरा सामने आया है जिसमें खुद शेरपुरिया व उसकी पत्नी अहम पद पर है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक शेरपुरिया ने दर्जनों शेल कंपनियां बनाई हैं। इन कंपनियों के अधिकारियों का कोई अता-पता नहीं है। इनके जरिये बड़ी रकम को इधर से उधर किया गया। इन कंपनियों के बारे में एसटीएफ और जानकारियां जुटा रही है। जांच एजेंसी का मानना है कि सामने आई पांच कंपनियों के अलावा भी कुछ और कंपनियां मिल सकती हैं, जिनमें शेरपुरिया या उसकी पत्नी किसी पद पर हो।

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महाठग संजय शेरपुरिया की संस्था के सलाहकार बोर्ड में रिटायर्ड अफसर शामिल

संजय शेरपुरिया कई बड़े अफसरों का बेहद करीबी है। उसकी संस्था यूथ रूरल एंटरप्रेन्योर फाउंडेशन के सलाहकार बोर्ड के सदस्यों के नामों से इसका खुलासा हुआ, जिसमें रिटायर्ड आईएएस, आईपीएस व सेना के अफसर शामिल हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि शेरपुरिया की पैठ कहां तक है।

संजय शेरपुरिया ने 2019 में यूथ रूरल एंटरप्रेन्योर फाउंडेशन बनाई थी। पिछले एक साल में इसके खाते में करीब सात करोड़ रुपये आए। इसमें गौरव डालमिया के ट्रस्ट से भेजे गए छह करोड़ रुपये भी शामिल हैं। इसके पहले करोड़ों रुपये संस्था में भेजे गए। पुलिस व एसटीएफ इन ट्रांजेक्शन के बारे में तफ्तीश कर पता कर रही है कि कहां-कहां से रकम आई है।

आशंका है कि खाते में विदेश से भी रकम भेजी गई है। संस्था के सलाहकार बोर्ड में कुल छह सदस्य हैं। संस्था की वेबसाइट के मुताबिक इन सभी को एडिशनल डायरेक्टर बनाया गया है। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को जानकारी मिली है कि कुछ अफसरों की संजय के साथ व्यापार में हिस्सेदारी भी रही है। इस बिंदु पर भी तफ्तीश जारी है।

हस्तियों के साथ अपनी फोटो को बिना अनुमति के पोस्ट कर लोगों को भ्रमित कर ठगी की। उद्योगपति का केस रफादफा कराने के लिए उसने 21 व 23 जनवरी को कुल छह करोड़ रुपये अपने खाते में लिए।
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