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यह युवक गर्लफ्रेंड को इंप्रेस करने के लिए करता था ऐसे काम, गिरफ्तार

Sat, 06 Jan 2018 02:23 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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आरोपी दिनेश सिंह - फोटो : amarujala
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गर्लफ्रेंड को रिझाने के लिए दरोगा की वर्दी पहनकर रंगबाजी दिखाने वाले इटावा के दिनेश सिंह को बृहस्पतिवार शाम लखनऊ की पारा पुलिस ने दबोच लिया। दिनेश के पास से मुंगेर की बनी .32 बोर की पिस्टल और दो कारतूस मिले हैं। एसओ अजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि दिनेश इटावा के भिठौली के लाल घाटा इलाके का रहने वाला है।

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उसने मध्य प्रदेश के भिंड स्थित मुरैना के एक कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की है। गांव में ही उसके एक युवती से प्रेम संबंध हैं। युवती का भाई बीएसएफ में दरोगा है। युवती अक्सर उससे अपने भाई की तरह ही दरोगा बनने को कहती थी। दिनेश ने पढ़ाई के बाद नौकरी के लिए कोशिश की, लेकिन सफलता नही मिली।

गर्लफ्रेंड को रिझाने के लिए ही उसने दरोगा की वर्दी बनवाई और एक अवैध पिस्टल खरीदी। वर्दी पहनकर वह गांव पहुंचा तो परिवारीजन खुश हो गए। ग्रामीणों ने मिठाई बांटी। गर्लफ्रेंड से मिला तो वह खुशी से पागल हो गई। इसके बाद से वह वर्दी पहनकर घूमने लगा। दिनेश का कहना है कि उसे वर्दी में देखकर लोगों का रवैया ही बदल गया।
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लोग उसे सम्मान देने लगे। बदमाश किस्म के लोग डरने-बचने लगे। इसके बाद वह वर्दी पहनकर लोगों में रोब गांठता और फ्री में एक शहर से दूसरे शहर घूमता रहता। उसने फर्जी आईकार्ड भी बनवा लिया था। एसओ ने बताया कि दिनेश के गृह जनपद की पुलिस से बात की गई, लेकिन उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। फिलहाल उसके खिलाफ फर्जी दरोगा बनने, अवैध असलहा रखने व धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।

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गाजियाबाद क्राइम ब्रांच में तैनाती बताकर गांठा रोब

UP Police
एसओ ने बताया कि पुलिस टीम ने काकोरी मोड़ नहर पुलिया मोहान रोड पर चेकिंग के दौरान दिल्ली के नंबर की कार रोकी तो दो-तीन युवकों के साथ दरोगा को बैठा देख माथा ठनका। परिचय पूछने पर उसने खुद को गाजियाबाद क्राइम ब्रांच में तैनात सब इंस्पेक्टर बताया। एसओ को उस पर शक हुआ। दिनेश को कार से उतारकर बातचीत की जा रही थी इसी दौरान उसके पास से पिस्टल मिल गई।

दिनेश ने सर्विस पिस्टल बताकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की तो उसकी पोल खुल गई। थाना लाकर पूछताछ में दिनेश ने बताया कि वह पुलिस विभाग में नहीं है। सिर्फ रोब गांठने के लिए ही वर्दी पहनकर घूमता था। उसने गर्लफ्रेंड और परिवारीजनों को भी गाजियाबाद की क्राइम ब्रांच में तैनात होने की जानकारी दी थी।

फर्जी दरोगा दिनेश जिस कार से आ रहा था, वह दिल्ली में नौकरी करने वाले लखनऊ के युवक की थी। युवक ने बताया कि वह दोस्तों संग लखनऊ आ रहा था तभी गाजियाबाद में दरोगा ने लिफ्ट मांगी। फर्जी दरोगा ने लखनऊ जाने की बात कही। युवकों ने यह सोचकर उसे कार में बैठा लिया कि टोल टैक्स व रास्ते में आने वाली छोटी-मोटी दिक्कतें नहीं होंगी। टोल टैक्स पर फर्जी दरोगा ने अपना रसूख भी दिखाया और बिना टैक्स दिए कार निकलवा ली। 
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