गर्लफ्रेंड को रिझाने के लिए दरोगा की वर्दी पहनकर रंगबाजी दिखाने वाले इटावा के दिनेश सिंह को बृहस्पतिवार शाम लखनऊ की पारा पुलिस ने दबोच लिया। दिनेश के पास से मुंगेर की बनी .32 बोर की पिस्टल और दो कारतूस मिले हैं। एसओ अजय प्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि दिनेश इटावा के भिठौली के लाल घाटा इलाके का रहने वाला है।
उसने मध्य प्रदेश के भिंड स्थित मुरैना के एक कॉलेज से बीएससी की पढ़ाई की है। गांव में ही उसके एक युवती से प्रेम संबंध हैं। युवती का भाई बीएसएफ में दरोगा है। युवती अक्सर उससे अपने भाई की तरह ही दरोगा बनने को कहती थी। दिनेश ने पढ़ाई के बाद नौकरी के लिए कोशिश की, लेकिन सफलता नही मिली।
गर्लफ्रेंड को रिझाने के लिए ही उसने दरोगा की वर्दी बनवाई और एक अवैध पिस्टल खरीदी। वर्दी पहनकर वह गांव पहुंचा तो परिवारीजन खुश हो गए। ग्रामीणों ने मिठाई बांटी। गर्लफ्रेंड से मिला तो वह खुशी से पागल हो गई। इसके बाद से वह वर्दी पहनकर घूमने लगा। दिनेश का कहना है कि उसे वर्दी में देखकर लोगों का रवैया ही बदल गया।
लोग उसे सम्मान देने लगे। बदमाश किस्म के लोग डरने-बचने लगे। इसके बाद वह वर्दी पहनकर लोगों में रोब गांठता और फ्री में एक शहर से दूसरे शहर घूमता रहता। उसने फर्जी आईकार्ड भी बनवा लिया था। एसओ ने बताया कि दिनेश के गृह जनपद की पुलिस से बात की गई, लेकिन उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं मिला है। फिलहाल उसके खिलाफ फर्जी दरोगा बनने, अवैध असलहा रखने व धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।