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जालसाज दिव्यांग ने छह लाख जेवरात की मंगाई होम डिलीवरी, फिर सेल्समेन को दस हजार थमा, ...यूं दिया चकमा

Fri, 01 Mar 2019 11:23 AM IST
Amulya Rastogi न्यूज डेस्क, अमर उजाला लखनऊ
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दफ्तर से जाली नोट और हिरासत में आरोपी - फोटो : amar ujala
लखनऊ के विभूतिखंड में आलीशान कार्यालय खोलकर बैठे एक जालसाज ने छह लाख के जेवरात मंगाए। जेवरात लेने के बाद रकम देने की बात कही। दस हजार रुपये गिनने को सेल्समैन को दिया। इस बीच मोबाइल पर बात करते हुए वहां से खिसक गया। काफी इंतजार के बाद उसे सेल्समैन ने कॉल की तो मोबाइल बंद था। एक घंटे इंतजार के बाद पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मौके पर पहुंची पीआरवी ने एक युवक को हिरासत में लिया। आलीशान ऑफिस से पुलिस ने 12 लाख रुपये के नकली नोट भी बरामद किए। पीड़ित ज्वैलर्स ने केस दर्ज कराया है। पीआरवी के प्रदीप कुमार के मुताबिक, पकड़ा गया युवक सीतापुर निवासी अजय कुमार है।

 
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सराफ का कर्मचारी - फोटो : amar ujala
मूलरूप से बलिया निवासी प्रवीण चंद्र सर्राफ उर्फ गोलू सोनी इंदिरानगर इलाके में रहते हैं। उनकी गोमतीनगर के पत्रकारपुरम में मां सरस्वती ज्वैलर्स के नाम से दुकान है। बृहस्पतिवार दोपहर करीब 12 बजे एक दिव्यांग दुकान पर पहुंचा और छह लाख रुपये के जेवरात पसंदकर बिल मांगा। प्रवीण ने बिल दिया तो दिव्यांग ने इतनी रकम साथ न होने की बात कही। दिव्यांग ने अपना परिचय नवीन गोयल के रूप में दिया। बताया कि उसका ऑफिस विभूतिखंड में उर्दू अकादमी के सामने ग्रीन टॉवर हिंदुस्तान ट्रेडर्स के नाम से है। एक विजिटिंग कार्ड भी दिया। जिस पर नवीन गोयल और हिंदुस्तान ट्रेडर्स लिखा था। कहा कि जेवरात किसी कर्मचारी से भिजवा दे। रकम भी वहीं मिल जाएगी। इसके बाद वह निकल गया। प्रवीण ने एक युवक और एक युवती को जेवरात की डिलीवरी करने को भेजा। दोनों कर्मचारी वहां करीब तीन बजे पहुंच गए। इसके बाद दोनों की मुलाकात हुई। जेवरात उसे सुपुर्द कर बिल दिया।



 
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पुलिस टीम ने की पड़ताल - फोटो : amar ujala
कर्मचारियों के मुताबिक, दिव्यांग ने ऑफिस में मौजूद एक युवक को जेवरात का थैला दिया। जिसमें एक हार, एक जोड़ी कंगन, अंगूठी थे। जिसकी कीमत करीब छह लाख रुपये थी। दिव्यांग ने कहा कि इसे सुरक्षित रख दो। नौकर न देखने पाएं। थैला लेकर युवक ऑफिस के दूसरे केबिन में चला गया। कुछ देर में लौटा और सुरक्षित रखने की बात कही। सराफ के दोनों कर्मचारियों ने बताया कि खुद को नवीन गोयल बताने वाला दिव्यांग ऑफिस में मालिक की कुर्सी पर बैठा था। जेवरात लेने के बाद दिव्यांग ने दोनों को 100-100 रुपये की एक गड्डी गिनने को दी।
 

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बरामद जाली नोट - फोटो : amar ujala
कर्मचारियों के मुताबिक, यह रकम पास में रखे एक थैले से निकालकर दी थी।गिनने के बाद कर्मचारियों ने बताया कि यह दस हजार रुपये है। जिस पर दिव्यांग ने कहा कि बाकी रकम मिल रही है। इस बीच उसने वहां मौजूद एक युवक से चाय लाने को कहा। कर्मचारियों के साथ दिव्यांग भी चाय पीने लगा। इस बीच उसके मोबाइल पर कॉल आई।
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हिरासत में आरोपी - फोटो : amar ujala
पीड़ित सराफ के मुताबिक, दिव्यांग को किसी को कॉल कर ऑफिस से बाहर निकला और वापस नहीं आया। दोनों कर्मचारियों ने पूछताछ की तो युवक ने बताया कि अभी कुछ देर में वापस आ जाएंगे। एक घंटे बाद कर्मचारियों ने प्रवीण को जानकारी दी। प्रवीण ने भी दिव्यांग को कॉल की तो मोबाइल बंद था। इस पर वह भी ग्रीन टॉवर पहुंच गए और तीन घंटे तक इंतजार किया। शाम छह बजे पुलिस कंट्रोल रूम को लूट की सूचना दी। सूचना पर पीआरवी पहुंची। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने मौके से एक युवक को हिरासत में ले लिया। उसे विभूतिखंड थाने में सुपुर्द कर दिया गया है।




 
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खंगाले जा रहे है सीसीटीवी फुटेज - फोटो : amar ujala
खंगाले जा रहे सीसीटीवी फुटेज
पीआरवी की टीम के मुताबिक, ऑफिस की तलाशी में जेवरात नहीं मिले। जिस स्थान पर बैठकर दिव्यांग ने रकम दिया। वहीं पास में एक थैला मिला। जिसमें 2000-2000 रुपये की पांच गड्डी और 500-500 रुपये की चार गड्यिां मिली। पुलिस के मुताबिक, नोट नकली थे। रकम को पीआरवी ने थाने में जमा करा दिया। प्रभारी निरीक्षक विभूतिखंड राजीव द्विवेदी के मुताबिक, दिव्यांग के सहयोगी युवक ने नोट के बारे में कोई जानकारी न होने की बात कही। ग्रीन टॉवर में लगे सीसीटीवी कैमरो के  फुटेज खंगाले जा रहे हैं।


 
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पुलिस की कार्रवाई के विरोध में महिलाओं ने किया हंगामा - फोटो : amar ujala
पुलिस के पहुंचने पर हंगामा शुरू
सराफ के कर्मचारियों ने जब पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी तो कुछ देर में पीआरवी पहुंच गई। इसी बीच वहां मौजूद कुछ महिलाओं ने हंगामा शुरू कर दिया। महिलाओं ने कुछ सत्ताधारी नेताओं से संपर्क होने की बात कहते हुए वर्दी उतरवाने की धमकी दी। काफी देर तक पीआरवी को महिलाओं ने पड़ताल करने से रोका। जब थाने से पुलिसकर्मी पहुंचे तो महिलाएं शांत हुईं। 
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