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डिजिटल इंडिया योजना के नाम पर करोड़ों की ठगी, 1600 से अधिक लोग बने शिकार

Wed, 25 Jul 2018 04:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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जालसाज सुधांशु शुक्ला - फोटो : amar ujala
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केंद्र सरकार की डिजिटल इंडिया योजना के नाम पर फर्जी वेबसाइट के जरिये फ्रेंचाइजी बेचकर 1600 से अधिक लोगों से ठगी का मामला प्रकाश में आया है। अब तक 11 करोड़ रुपये से अधिक की रकम ठगने की जानकारी है। मामले में एसटीएफ ने मंगलवार को वेव मॉल के पास से सुधांशु शुक्ला नाम के शख्स को गिरफ्तार किया।
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उसके साथी डायरेक्टर की तलाश है। एसटीएफ के एसएसपी अभिषेक सिंह ने बताया कि डिजिटल इंडिया के नाम पर फर्जी वेबसाइट बनाकर आम लोगों से ठगी की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय को मिली थी। ज्यादातर शिकायत प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी से थी।

इस पर कार्रवाई की जिम्मेदारी इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने यूपी एसटीएफ को सौंपी। एसएसपी अभिषेक सिंह ने मामले की जांच के लिए एसटीएफ के एडिशनल एसपी प्रो. त्रिवेणी सिंह को जिम्मेदारी दी। जांच में पता चला कि गिरोह ने फर्जी वेबसाइट (www.egramdigital.co.in) के नाम से बनाई गई है।
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इस पर डिजिटल इंडिया का लोगो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का वीडियो मैसेज बिना किसी अनुमति के अपलोड किया गया है। इस वेबसाइट को स्विटजरलैंड के वेब सर्वर पर होस्ट किया गया था और मालिक का नाम नहीं था। संपर्क करने के लिए विदेशी नंबर दिया गया था।
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ग्राहक बनकर फंसाया

डेमो - फोटो : demo pic
वेबसाइट पर कई सरकारी वेबसाइट का लिंक भी दिया था, ताकि लोग इसे सरकारी वेबसाइट ही समझें। वेबसाइट पर दावा किया जाता था कि ई ग्राम डिजिटल की फ्रेंचाइजी लेकर कम समय में अधिक धन कमाया जा सकता है।
 
एक फ्रेंचाइजी 3000 से डेढ़ लाख रुपये तक में दे रहे थे। अब तक लगभग 1600 लोग अलग-अलग कीमत अदा कर चुके हैं। वेबसाइट पर नाम न होने से एसटीएफ को सुधांशु तक पहुंचने में दिक्कत आ रही थी।
 
इस पर एसटीएफ के एक अफसर ने खुद फ्रेंचाइजी के लिए ऑनलाइन अप्लाई किया और उसे मिलने के लिए लखनऊ बुलाया। मंगलवार को जब सुधांशु पैसे लेने पहुंचा तो एसटीएफ ने उसे दबोच लिया। उसने बताया कि वह अब तक 1600 से अधिक लोगों को ठग चुका है।
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दो खातों में जमा कराई रकम

- फोटो : डेमो
वह बताता था कि फ्रेंचाइजी लेने के बाद पेमेंट गेटवे, बैंकिंग करेस्पांडेंट, आईएमपीएस, आईआरसीटीसी, बस टिकट मनी ट्रांसफर, मोबाइल डिश टीवी रिचार्ज, लोन एकाउंट, हॉलीडे पैकेज, युटिलिटी पैकेज और बिल पेमेंट की सुविधा मिल जाएगी। इनसे कमाई की जा सकती है।

सुधांशु ने आईसीआईसीआई और इंडसइंड बैंक के दो खातों में 11 करोड़ से अधिक रकम जमा करवाई। टोल फ्री नंबर लेकर और पीआरआई लाइन की सुविधा लेकर कॉल सेंटर भी खोल लिया था, जिस पर ग्राहकों को फंसाता था। इसके अलावा आधार इनेबिल पेमेंट सिस्टम मशीन के नाम पर भी एकाउंट में पैसे जमा कराए।
 
एसएसपी  ने बताया कि सुधांशु को फर्जी सीबीआई अफसर बनकर रेड डालने के आरोप में वर्ष 2013 में दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया था। कोर्ट ने उसे चार साल की सजा सुनाई थी। अभी वह जमानत पर था। मध्य प्रदेश और वाराणसी में भी फर्जीवाड़े के मामले दर्ज हैं। वहीं इस मामले को लेकर वाराणसी के रोहनियां थाने में केस दर्ज है।
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